इस्लामाबाद: भारत के खिलाफ अमेरिका निर्मित एफ-16 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल करके पाकिस्‍तान बुरी तरह से फंस गया. इस अपने बचाव में उसकी आर्मी नया झूठ गढ़ रही है. पाकिस्‍तानी आर्मी ने दावा किया है कि उसने भारत के खिलाफ एफ-16 फाइटर नहीं, बल्‍कि चीन से सहयोग से बनाए गए जेएफ-17 थंडर का उपयोग किया है. जबकि भारतीय सेना ने एफ 16 से दागी गई मिसाइल के टुकड़ों के सबूत के रूप में पेश किया था. Also Read - IND vs AUS 4th Test Live Streaming: जानें कब और कहां देखें भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच चौथे टेस्ट का LIVE टेलीकास्ट और ऑनलाइन स्ट्रीमिंग

पाकिस्तानी सेना ने भारत के इस दावे को खारिज किया है कि बालाकोट में जैशे मोहम्मद के आतंकवादी ठिकाने के खिलाफ भारतीय लड़ाकू विमानों के हमले के जवाब में उसने भारत के खिलाफ अमेरिका निर्मित एफ-16 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया. पाकिस्तान ने कहा कि उसने अभियान में जेएफ-17 थंडर लड़ाकू विमान का इस्तेमाल किया जिसे उसने चीन के साथ संयुक्त रूप से विकसित किया है. अब ऐसे में सवाल है कि पाकिस्‍तानी सेना अपने बचाव में किए गए दावे के पक्ष में क्‍या ठोस सबूत पेश कर पाएगी. Also Read - 83 तेजस बढ़ाएंगे भारत की ताकत, Indian Air Force के इस फाइटर जेट की 12 व‍िशेषताएं जानें यहां

आधारभूत ढांचे को कोई नुकसान हुआ
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने 14 फरवरी को पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद भारतीय वायुसेना के साथ हवाई संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय लड़ाकू विमानों ने 26 फरवरी को पाकिस्तानी हवाई सीमा का उल्लंघन किया और बम गिराए, लेकिन इसमें कोई हताहत नहीं हुआ और न ही आधारभूत ढांचे को कोई नुकसान ही हुआ. 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाकर किए गए आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैशे मोहम्मद ने ली थी. Also Read - पाक से राजस्थान आए करीब 700 लोग 'लापता', केंद्र ने राज्य सरकार को दिए तलाशने के निर्देश

भारत ने एफ-16 से दागी मिसाइस के सबूत दिखाए थे
भारतीय वायुसेना द्वारा बालाकोट में जैशे मोहम्मद ठिकाने पर हवाई हमलों का जवाब देने के पाकिस्तान के प्रयास के एक दिन बाद भारतीय सशस्त्र बलों ने एफ-16 द्वारा दागी गई एआईएम120 एमराम (एडवांस्ड मीडियम रेंज एयर टू एयर मिसाइल) के हिस्से दिखाये थे, जो कि भारतीय क्षेत्र में गिरे थे. भारत ने यह भी कहा कि भारतीय राडार द्वारा जो इलेक्ट्रानिक सिग्नेचर दर्ज की गई है, उससे पाकिस्तान द्वारा एफ..16 के इस्तेमाल की पुष्टि होती है.

एफ-16 के इस्‍तेमाल को लेकर अमेरिकी पाकिस्तान से मांग रहा सूचना
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने घोषणा की कि वह भारत के खिलाफ अमेरिका निर्मित एफ-16 विमानों के संभावित इस्तेमाल के बारे में पाकिस्तान से और सूचना मांग रहा है. एफ-16 का इस तरह से इस्तेमाल इस संबंध में हुए समझौते का उल्लंघन है.

पाकिस्तान और अमेरिका देखें सहमतिपत्र का पालन हुआ या नहीं
गफूर ने रूसी संवाद समिति स्पूतनिक इंटरनेशनल से कहा, जिस विमान ने लक्ष्यों के साथ संघर्ष किया वह जेएफ-17 था. इसको लेकर कि एफ-16 का किस तरह से इस्तेमाल करना है और किस संदर्भ में (उनका) इस्तेमाल हुआ या नहीं, क्योंकि उस समय हमारी पूरी वायुसेना अलर्ट पर थी. अब यह पाकिस्तान और अमेरिका के बीच की बात है कि देखें कि एफ-16 के इस्तेमाल को लेकर सहमतिपत्र का पालन हुआ या नहीं.

भारत को बताना था कि उसके पास पलटवार की क्षमता है
गफूर ने अमेरिका के साथ मैत्री संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि पाकिस्तान अपने जेएफ.17 विमानों के इस्तेमाल के बारे में चर्चा कर रहा है, हालांकि इस बात पर जोर दिया कि यदि वैध आत्मरक्षा की बात आएगी तो देश जो भी जरूरी समझेगा उसका इस्तेमाल करेगा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान केवल भारत को यह बताना चाहता था कि उसके पास पलटवार करने की क्षमता है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पास अभियान के फुटेज हैं.

भारत कदम उठाए तो हम भी आगे बढ़ेंगे
गफूर ने कहा कि पाकिस्तान के परमाणु हथियार क्षेत्र में युद्ध रोकने के लिए एक निरोधक उपकरण हैं. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान परमाणु हथियारों के अप्रसार की ओर कदम उठाएगा, लेकिन तभी जब भारत ऐसा करे. गफूर ने कहा कि पाकिस्तान ऐसे किसी भी कदम का स्वागत करेगा जो क्षेत्र में शांति ला सकता है. इसमें रूस के प्रयास शामिल हैं. गफूर ने रूस के साथ सैन्य सहयोग पर कहा कि पाकिस्तान रूस के साथ उड्डयन, वायु रक्षा प्रणाली और टैंक रोधी मिसाइलों के क्षेत्र में सहयोग पर बातचीत कर रहा है.