इस्लामाबाद. मुंबई में हुए आतंकी हमले 26/11 पर भारत के पूर्व खुफिया अधिकारी के साथ मिलकर किताब लिखने वाले पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के पूर्व प्रमुख की पेंशन रोक दी गई है. पाकिस्तानी सेना ने खुफिया एजेंसी आईएसआई के पूर्व प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) असद दुर्रानी को पूर्व रॉ (रिसर्च एंड एनालिसिस विंग- RAW) प्रमुख के साथ विवादास्पद पुस्तक का सह लेखन करने पर सैन्य आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी ठहराया है और दंडस्वरूप उनके पेंशन एवं अन्य लाभों को बंद कर दिया है. अगस्त, 1990 से लेकर मार्च, 1992 तक आईएसआई के प्रमुख रहे दुर्रानी ने पूर्व रॉ प्रमुख ए एस दुलत के साथ मिलकर भारत में ‘द स्पाई क्रॉनिकल्स: रॉ, आईएसआई एंड इल्यूजन ऑफ पीस’ नामक पुस्तक प्रकाशित कराई थी.

पाकिस्तानी सेना ने इस पुस्तक को लेकर दुर्रानी के खिलाफ कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का आदेश दिया था. इस पुस्तक में दोनों पूर्व खुफिया प्रमुखों ने खासकर मुम्बई हमले के संदर्भ में आतंकवाद, कश्मीर, खुफिया प्रमुखों के प्रभाव समेत कुछ जटिल मुद्दों को छूआ है. सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा कि दुर्रानी एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी हैं जो अहम पदों पर रहे और उनका आचरण भिन्न होना चाहिए था.

उन्होंने कहा, ‘‘असद दुर्रानी सैन्य आचार संहिता के उल्लंघन के दोषी पाये गये हैं…, उनके पेंशन और अन्य संबंधित लाभ रोक दिए गए हैं. अब वह उन लाभों के हकदार नहीं हैं जो एक सेवानिवृत्त अधिकार को मिलता है.’’ एक सवाल के जवाब में गफूर ने कहा कि सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल दुर्रानी को अपना रैंक बनाए रखने की इजाजत दी गई है. प्रवक्ता ने कहा कि दुर्रानी को फिलहाल विदेश जाने की अनुमति नहीं है और इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा.