नई दिल्ली। क्या पाकिस्तान की सरकार पाक आर्मी के बिना एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकती? क्या पीएम नवाज शरीफ पाक सेना के बताए रास्ते पर ही चलते हैं? अक्सर इस बात के कयास ही लगाए जाते हैं लेकिन कजाकिस्तान के अस्ताना में इसका सबूत भी मिल गया.

दरअसल, शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक के दौरान ऐसा ही नजारा दिखा जिसने इस बात को साबित कर दिया कि पाकिस्तान में सरकार के काम में सेना का कितना दखल है. आज भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी ने पहले अपना भाषण दिया. इसके बाद बारी नवाज शरीफ की आई. लेकिन उनके बोलने से पहले एक सेना अफसर उनके पास आया और नवाज के कान में कुछ कहने लगा. इस दौरान अफसर का हाथ नवाज के कंधे पर था. नवाज ने इस अफसर की बात ध्यान से सुनी और फिर हामी भी भरी.

इस वाकये से सवाल उठता है कि क्या एससीओ में पाकिस्तान सरकार की भाषा दरअसल सेना की भाषा है. इससे इन कयासों को फिर बल मिला कि क्या पाकिस्तान में अक्सर बड़े फैसले सेना की मर्जी से ही होते हैं. एससीओ जैसे महत्वपूर्ण मंच पर भी नवाज को सेना की सुननी पड़ रही थी. पाकिस्तान सरकार, सेना के बताए रास्ते पर ही चलती है. लेकिन खास बात ये रही कि नवाज ने अपने भाषण में बेहद नरमी बरती और दो बार भारत का नाम लेते हुए बधाई दी.

मोदी ने उठाया आतंकवाद का मुद्दा

मोदी ने एससीओ के वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान अपने संबोधन में उम्मीद जताई कि एससीओ परिवार में भारत के प्रवेश से आतंकवाद से निपटने की दिशा में इस समूह को नई गति मिलेगी. प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद मानवता को एक बड़ा खतरा है. आतंकवाद और अतिवाद को परास्त करने के लिए मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है.

मोदी ने कट्टरपंथ, आतंकवादियों की भर्ती, प्रशिक्षण और वित्त पोषण समेत आतंकवाद के खतरे से निपटने के समन्वित प्रयासों पर बल दिया.
उन्होंने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि भारत-एससीओ सहयोग आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करेगा और इसे नई दिशा देगा. प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में कनेक्टिविटी बढ़ाने की आवश्यकता की भी बात की और कहा कि यह व्यापार एवं निवेश बढ़ाने के लिए अहम है.

उन्होंने कहा कि एससीओ देशों के साथ हमारा सहयोग व्यापक है। हम कनेक्टिविटी पर और ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं. चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ समेत अन्य नेताओं की मौजूदगी में मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि इस प्रकार के सहयोग में संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता अहम कारक होने चाहिए.

शरीफ ने दी भारत को बधाई

शरीफ ने इस दौरान चीन-पाक आर्थिक कॉरिडोर का किया. उन्होंने पाकिस्तान को भी आतंकवाद से पीड़ित देश बताया. नवाज ने कहा कि मैं इस संगठन से जुड़ने के लिए भारत को बधाई देता हूं. नवाज ने कहा कि हमें आने वाली पीढ़ी की शांति का वातावरण बनाना होगा न कि आपसी नफरत और झगड़े का माहौल. हम सब मिलकर सभी के लिए जगह बनाएं.