इस्लामाबाद/ लाहौर/ नई दिल्ली: मुंबई हमलों पर पाकिस्तान के अपदस्थ पीएम नवाज शरीफ की टिप्पणी ने पाक आर्मी और वहां की सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी है. शरीफ के बयान से मचे बवाल को लेकर पाकिस्तानी आर्मी सोमवार को उच्चस्तरीय बैठक करने जा रही. हालांकि, मुंबई में 2008 में हुए आतंकी हमले पर अपने कबूलनामे के बाद लेकर सभी के निशाने पर आए पूर्व पीएम शरीफ रविवार को दावा किया कि मीडिया ने उनकी टिप्पणियों की गलत व्याख्या की है.

बता दें कि शरीफ ने एक साक्षात्कार में पहली बार सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया था कि पाकिस्तान में आतंकवादी संगठन सक्रिय हैं. उन्होंने सीमा पार करने तथा मुंबई में लोगों की हत्या के लिए राज्य से इतर तत्वों को अनुमति देने की नीति पर सवाल उठाया था. उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान ने खुद को अलग – थलग कर लिया है.

पाक आर्मी ने पीएम अब्बासी से एनएससी की मीटिंग बुलाने को कहा
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने टि्वटर पर कहा कि प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी को उच्चाधिकार प्राप्त राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एनएससी ) की बैठक बुलाने का सुझाव दिया गया. एनएससी शीर्ष असैन्य तथा सैन्य नेतृत्व का मंच है जो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करती है.

शरीफ ने माना था पाक में आतंकी सक्रिय
शरीफ ने पहली बार सार्वजनिक रूप से एक साक्षात्कार में माना कि पाकिस्तान में आतंकी संगठन सक्रिय हैं. उन्होंने सरकार से इतर तत्वों के सीमा पार करने और लोगों की हत्या करने देने की पाकिस्तान की नीति पर सवाल उठाए थे.

शरीफ ने पाक सरकार पर उठाए सवाल
शरीफ ने कहा था कि क्या पाकिस्तान को सरकार इतर तत्वों को सीमा पार करने और मुंबई में लोगों की हत्या करने की अनुमति देनी चाहिए.

मुंबई हमले केस में देरी पर की थी आलोचना
गत शुक्रवार को डॉन के साथ एक खास साक्षात्कार में शरीफ ने मुंबई हमलों से संबंधित मुकदमे को अंजाम तक पहुंचाने में किए जा रहे विलंब को लेकर भी आलोचना की थी. बयान के चलते शरीफ को विपक्षी नेताओं तथा उनकी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग- नवाज ( पीएमएल – एन ) से अलग हुए लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है.

पनाम पेपर्स मामले के बाद खुद को अलग किया
पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने पनामा पेपर्स मामले में शरीफ को आजीवन सार्वजनिक पद पर रहने से प्रतिबंधित कर दिया है. शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान ने खुद को अलग – थलग कर रखा है. शरीफ ने डॉन अखबार से कहा, ” हमने खुद को अलग – थलग कर रखा है. बलिदान देने के बावजूद हमारी बातों को स्वीकार नहीं किया जा रहा है. अफगानिस्तान की बात स्वीकार की जा रही है लेकिन हमारी नहीं. हमें इस पर गौर करना होगा.”

इमरान बोले- नवाज बोल रहे मोदी की भाषा
इन लोगों का कहना है कि शरीफ ने बयान देकर मुंबई हमलों में भारतीय रूख का समर्थन किया है और देश के राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचाया है. क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान ने कहा कि शरीफ ( भारत के प्रधानमंत्री ) नरेंद्र मोदी की भाषा बोल रहे हैं और देश को नुकसान पहुंचाने के लिए पाकिस्तान के दुश्मनों का समर्थन कर रहे हैं.

नवाज के बचाव में उतरे छोटे भाई
इस बीच, नवाज शरीफ के छोटे भाई शाहबाज शरीफ ने कहा कि मीडिया ने पूर्व पीएम के बयान को गलत तरीके से पेश किया है. उन्होंने कहा, ”क्या कोई विश्वास कर सकता है कि नवाज शरीफ कोई ऐसी चीज कहेंगे.” दुनिया टीवी ने खबर दी कि एक व्यक्ति ने शरीफ के खिलाफ देश की सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज कराने के लिए चकवाल जिले की पुलिस से संपर्क किया है.
मेरे बयान की गलत व्याख्या की गई : शरीफ
मुंबई में 2008 के आतंकी हमले पर अपने कबूलनामे के बाद निशाने पर आए पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ ने रविवार को दावा किया कि मीडिया ने उनकी टिप्पणियों की गलत व्याख्या की. शरीफ के प्रवक्ता ने कहा, ” शुरू में भारतीय मीडिया ने नवाज शरीफ के बयान की गलत व्याख्या की. दुर्भाग्य से बयान के सभी तथ्यों को जाने बगैर पाकिस्तान के इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया के एक वर्ग ने भी जानबूझकर या अनजाने में ना सिर्फ इसकी पुष्टि की बल्कि भारतीय मीडिया के दुष्प्रचार को बल दिया.

सीतारमण बोली-शरीफ की टिप्पणी गंभीर
भारत की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने पाकिस्तान में सत्ता से बेदखल किए गए प्रधानमंत्री नवाज शरीफ द्वारा सार्वजनिक तौर पर इस स्वीकारोक्ति को गंभीर खुलासा करार दिया कि आतंकवादी संगठन देश में सक्रिय हैं. रक्षा मंत्री ने कहा कि इससे भारत का पक्ष साबित होता है कि 26/11 के मुंबई हमले को अंजाम देने वाले पाकिस्तानी थे.

हमले के सूत्रधार पाकिस्तान में
सीतारमण ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ”यह काफी गंभीर खुलासा है. भारत का यह कहना रहा है कि मुंबई आतंकवादी हमले का सरगना पाकिस्तान से काम कर रहा था. हमारा मानना है कि हमले के सूत्रधार पाकिस्तान में थे.” उन्होंने कहा, ”यह सिर्फ साबित करता है कि भारत का रुख हमेशा ठीक था.

आतंकवाद का दृढ़ता से मुकाबला
सीतारमण ने कहा, ” भारतीय सेना को सुनिश्चित करना होगा कि भारत सुरक्षित देश बने. इसे किसी भी आतंकवाद का दृढ़ता से मुकाबला करना होगा जो जम्मू – कश्मीर और शेष भारत की शांति और सौहार्द को खतरा पहुंचाता हो.” (इनपुट-एजेंसी)