इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने अपने यहां अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न होने के आरोपों को बुधवार को एक बार फिर से खारिज कर दिया और कहा कि देश में हिंदुओं की आबादी में भारी गिरावट आने संबंधी भारत का दावा झूठा है. पाक विदेश कार्यालय (एफओ) ने एक बयान में कहा कि पाकिस्तान एक बार फिर इसे स्पष्ट रूप से खारिज करता है. बयान में कहा गया है कि भारत सरकार और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के बेबुनियाद आरोप लगाए और यह तथ्य गलत है कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों की जनसंख्या 1947 के 23% से घटकर 2011 में 3.7% रह गई है.

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वहीं कुछ दिन पहले ही भारत सरकार के नागरिकता संशोधन विधेयक (कैब) को संसद में लाने पर पाकिस्‍तान तिलमिला गया था. पाकिस्तान ने मोदी सरकार के इस नागरिकता संशोधन विधेयक को प्रतिगामी एवं पक्षपातपूर्ण करार दिया है. इतना ही नहीं पाकिस्‍तान ने भारत इस भारत का पड़ोसी देशों के मामलों में दखल का दुर्भावनापूर्ण इरादा बताया है.

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पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने मध्य रात्रि के बाद एक बयान जारी किया. उसमें कहा, ”हम इस विधेयक की निंदा करते हैं. यह प्रतिगामी और भेदभावपूर्ण है और सभी संबद्ध अंतरराष्ट्रीय संधियों और मानदंडों का उल्लंघन करता है. यह पड़ोसी देशों में दखल का भारत का दुर्भावनापूर्ण प्रयास है.