इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने करतारपुर गलियारे पर ‘जीरो लाइन’ से गुरद्वारा साहिब तक 90 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया है और इस वर्ष नवम्बर में गुरु नानक की 550वीं जयंती के मौके पर इसका उद्घाटन किये जाने की योजना है. एक मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. गलियारा पाकिस्तान के करतारपुर स्थित दरबार साहिब को गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे से जोड़ेगा. इससे भारतीय सिख श्रद्धालुओं को वीजा मुक्त आवागमन की सुविधा मिलेगी. इन श्रद्धालुओं को करतारपुर साहिब जाने के लिए केवल एक ‘परमिट’ प्राप्त करना होगा.

‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की खबर के अनुसार भारत से तीर्थयात्रियों का पहला जत्था नौ नवम्बर को पाकिस्तान पहुंचेगा. हालांकि अभी यह नहीं बताया गया है कि इन श्रद्धालुओं की संख्या कितनी होगी. खबर के अनुसार, पाकिस्तान द्वारा करतारपुर गलियारे का 90 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है. इसमें ‘जीरो लाइन’ से गुरुद्वारा साहिब तक मुख्य सड़क, पुल और इमारतों का निर्माण शामिल है. खबर में कहा गया है कि ‘सीमा के पाकिस्तान की ओर गलियारे का उद्घाटन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और सेनाध्यक्ष जनरल कमर जावेद बाजवा द्वारा नवम्बर में बाबा गुरु नानक की जयंती पर किये जाने की संभावना है.

गुरु नानक की 550वीं जयंती पर शुरू होनी है तीर्थयात्रा
दोनों पक्ष संपर्क बनाये रखने और समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करने के लिए सहमत हुए हैं. खबर में कहा गया है कि गलियारे के लिए निर्बाध सम्पर्क सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी दल फिर बैठक करेंगे ताकि तीर्थयात्रा गुरु नानक की 550वीं जयंती पर शुरू हो सके. करतारपुर गलियारे से भारतीय सिख तीर्थयात्रियों को करतारपुर साहिब में गुरुद्वारे तक वीजा मुक्त आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है.

पाकिस्तान-भारत सीमा से चार किलोमीटर दूर है करतारपुर साहिब
करतारपुर साहिब पाकिस्तान-भारत सीमा से चार किलोमीटर दूर नरोवाल में एक छोटा सा नगर है जहां गुरु नानक ने अपने जीवन के अंतिम 18 वर्ष बिताये थे. पाकिस्तान भारतीय सीमा से करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब तक गलियारे का निर्माण करेगा जबकि गुरदासपुर में डेरा बाबा नानक से सीमा तक गलियारे के दूसरे भाग का निर्माण भारत द्वारा किया जाएगा.