लाहौर: पाकिस्तान की एक आतंकवाद रोधी अदालत (एटीसी) ने प्रतिबंधित जमात-उद-दावा (जेयूडी) के सरगना व 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड आतंकवादी हाफिज सईद को बुधवार को दो मामलों में साढ़े पांच-साढ़े पांच साल कैद की सजा सुनाई. प्रतिबंधित संगठन जमात उद दावा सरगना को आतंक वित्तपोषण के दो मामलों में लाहौर की आतंकवाद रोधी अदालत ने सजा सुनाई है. दोनों ही मामलों में साढ़े पांच-साढ़े पांच साल कैद की सजा सुनाई गई है जो साथ-साथ चलेगी. उस पर पंद्रह हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है.

 

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ये मामले आतंकवाद रोधी विभाग (सीटीडी) की लाहौर और गुजरांवाला शाखाओं द्वारा दाखिल किए गए थे. सीटीडी के गुजरांवाला चैप्टर द्वारा दायर किए गए मामले की शुरुआत में गुजरांवाला एटीसी में सुनवाई हुई, लेकिन लाहौर हाई कोर्ट के निर्देशों पर इसे लाहौर शिफ्ट कर दिया गया था. दोनों मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 23 गवाहों के बयान दर्ज किए थे. जमात-उद-दावा सरगना हाफिज सईद को बीते साल जुलाई में सीटीडी द्वारा गिरफ्तार किया गया था. हाफिज सईद के जमात उद दावा के बारे में माना जाता है कि वह लश्कर ए तैयबा का सहायक संगठन है, जो मुंबई में 2008 में हुए आतंकवादी हमले के लिए जिम्मेदार है. इस हमले में छह अमेरिकी समेत 166 लोगों की मौत हो गयी थी.

आतंकवाद का वित्तपोषण कर रहा था हाफिज सईद
उसकी गिरफ्तारी से पहले जमात-उद-दावा नेताओं के खिलाफ 23 प्राथमिकी सीटीडी पुलिस स्टेशन लाहौर, गुजरांवाला, मुल्तान, फैसलाबाद व सरगोधा में जुलाई 2019 में दर्ज की गई थी. इनमें सईद व जेयूडी का एक अन्य प्रमुख आतंकी अब्दुल रहमान मक्की शामिल थे. रिपोर्ट के मुताबिक, सीटीडी ने कहा है कि जेयूडी गैर-लाभकारी संगठनों और ट्रस्टों के माध्यम से एकत्र किए गए भारी धन से आतंकवाद का वित्तपोषण कर रहा था.