ऑपरेशन सिंदूर का डर या कोई नई साजिश? पाकिस्तान ने आखिर LoC पर क्यों तैनात किया एंटी-ड्रोन सिस्टम

पाकिस्तानी सेना को आशंका है कि भारत फिर से ऑपरेशन सिंदूर जैसा कदम उठा सकता है. इसलिए पाकिस्तान ने मुर्री की 12वीं इन्फैंट्री डिवीजन और 23वीं इन्फैंट्री डिवीजन में नई तैनाती की है. इसका मकसद LoC के पास हवाई निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर क्षमता मजबूत करना है.

Published date india.com Updated: December 26, 2025 6:10 PM IST
ऑपरेशन सिंदूर का डर या कोई नई साजिश? पाकिस्तान ने आखिर LoC पर क्यों तैनात किया एंटी-ड्रोन सिस्टम

पाकिस्तान वैसे तो भारत के खिलाफ बड़बोले बयान देता है, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर का डर उसे अब तक सता रहा है. शायद इसलिए ये मुल्क अपनी सुरक्षा को पुख्ता करने में जुटा है. 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमला हुआ था. भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान को इसका जवाब दिया. अब इस ऑपरेशन सिंदूर के में खौफ आकर पाकिस्तान लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास तेजी से एंटी-ड्रोन सिस्टम की तैनाती कर रहा है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, खुफिया इनपुट के हवाले से एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान ने रावलकोट, कोटली और भीमबर सेक्टर के सामने नए काउंटर-अनमैन्ड एरियल सिस्टम (C-UAS) की तैनाती किए हैं.

पाकिस्तान ने पाक-अधिकृत कश्मीर (POK) में लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात कर दिए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए काउंटर-अनमैन्ड एरियल सिस्टम (C-UAS) रावलकोट, कोटली और भिंबर सेक्टर में लगाए गए हैं. काउंटर-अनमैन्ड एरियल सिस्टम (C-UAS) वह टेक्नोलॉजी है, जो दुश्मन के ड्रोन को पहचानने, ट्रैक करने और उन्हें जैम या मार गिराने के लिए इस्तेमाल की जाती है.

पाकिस्तान ने कहां-कहां तैनात किए एंटी-ड्रोन यूनिट्स?
पाकिस्तान ने LoC के अलग अलग हिस्सों में करीब 30 से ज्यादा एंटी-ड्रोन यूनिट्स तैनात किए हैं.
रावलाकोट सेक्टर में 2nd कश्मीर ब्रिगेड (POK) को तैनात किया है. कोटली सेक्टर में 3rd कश्मीर ब्रिगेड (POK) एक्टिव है. इनका काम राजौरी, पूंछ, नौशेरा और सुंदरबनी में निगरानी करना है. भींबर सेक्टर की जिम्मेदारी 7th कश्मीर (POK) ब्रिगेड को दी गई है.

एयर डिफेंस सिस्टम भी तैनात
पाकिस्तान ने LoC पर एंट्री ड्रोन सिस्टम के साथ एयर डिफेंस सिस्टम भी तैनात किए हैं. इनमें ओरलीकॉन GDF 35 मिमी डबल बैरल एंटी-एयरक्राफ्ट गन, रडार सपोर्ट के साथ और Anza Mk-II व Mk-III MANPADS शामिल हैं. रिपोर्ट के मुताबिक कि ये तैनातियां पश्चिमी सीमा पर भारत की बढ़ती सैन्य सक्रियता को लेकर पाकिस्तान की बेचैनी दिखाती हैं.

पाकिस्तान के इन हथियारों के बारे में जानिए

  • पाकिस्तान का स्पाइडर काउंटर UAS सिस्टम रेडियो-फ्रीक्वेंसी डिटेक्शन के जरिए 10 किमी तक छोटे ड्रोन और लोइटरिंग म्यूनिशन का पता लगा सकता है. इसे पाकिस्तान ने स्वदेशी तौर पर चीन की मदद से बनाया है.
  • पाकिस्तान का Safrah एंटी-UAV जैमिंग गन कंधे पर रखकर दागा जाने वाला हथियार है. इसकी रेंज करीब 1.5 किलोमीटर के आसपास है.यह ड्रोन के GPS और कंट्रोल लिंक को डैमेज कर सकता है.
  • पाकिस्तान का एयर डिफेंस सिस्टम Oerlikon GDF 35mm एंटी-एयरक्राफ्ट गन, रडार-गाइडेड सिस्टम और Anza Mk-II और Mk-III MANPADS भी तैनात किया है, जो कम ऊंचाई पर उड़ने वाले टारगेट को निशाना बना सकता है.

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