इस्लामाबाद। भारत की तरह पाकिस्तान भी अपने यहाँ बुलेट ट्रेन लाना चाहता है लेकिन फंड की कमी के चलते उसका प्रोजेक्ट अधूरा पड़ा है। इस बात खुद पाकिस्तान के रेल मंत्री ख्वाजा साद रफीकं ने किया। मंगलवार को असेंबली में बोलते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि पैसे की कमी के चलते हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट का काम अटका हुआ है। पाकिस्तानी अखबार द डॉन ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरीडोर प्रोग्राम के तहत चीन उनकी मदद करे। चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरीडोर 46 बिलियन डॉलर का प्रोजेक्ट है। Also Read - Bullet Train in Delhi News: दिल्ली से दौड़ेंगी तीन Bullet Train, शहर में बनेंगे हाई स्पीड रेलवे स्टेशन; ये रहा पूरा प्लान

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डॉन की रिपोर्ट ने पाकिस्तान के रेल मंत्री के हवाले से लिखा कि हमने जब चीनियों से बुलेट ट्रेन के बारे में कहा तो वे हम पर हंस पड़े। हमें सीपीईसी के तहत 160 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली से चलने वाली ट्रेन को ही बुलेट ट्रेन समझ लेना चाहिए। हम बुलेट ट्रेन का खर्च नहीं उठा सकते। यहां इसका कोई बाजार नहीं है। इस तरह तमाम चाहते हुए भी पाकिस्तान बुलेट ट्रेन चलाने का प्रबंध नहीं कर पा रहा है। यह भी पढ़ेंः पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट Also Read - क्या है भारत की बुलेट ट्रेन परियोजना का ताजा हाल? रेलवे ने कहा- तीन से छह महीने में पता चलेगा

सीपीईसी प्रॉजेक्ट का फोकस पाकिस्तान में सड़क निर्माण और ऊर्जा के लिए आधारभूत संरचना खड़ा करना है। इसकी मदद से जहां पाकिस्तान को गंभीर ऊर्जा संकट से निकालने की कोशिश होगी वहीं चीन लैंडलॉक्ट नॉर्थ-वेस्ट हिस्से को अरब सागर के ग्वादर पोर्ट से जोड़ा जाएगा। पाकिस्तान के रेलमंत्री  के संबोधन में उनका दर्द छलका। उन्होंने कहा कि अगर हम किसी तरह से बुलेट ट्रेन चला भी लेते हैं तो हमें उस स्तर की सवारियां भी नहीं मिलेंगी। इस खबर को देखते हुए कहा जा सकता है कि पाकिस्तान एक और मोर्चे पर भारत से पिछड़ता नज़र आ रहा है।