इस्लामाबाद: पाकिस्तान में बुधवार को हुए आम चुनावों के बाद हो रही वोटों की गिनती के शुरुआती चरण में क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) 97 संसदीय सीटों पर आगे चल रही है, जबकि पीटीआई की मुख्य प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल – एन)62 सीटों पर आगे है. एक फिदाइन हमले और ताकतवर सेना की ओर से चुनाव प्रक्रिया में दखलंदाजी के आरोपों के बीच मतदान संपन्न हुआ. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) 28 सीटों पर आगे चल रही है. इससे संकेत मिलते हैं कि यदि इस संसदीय चुनाव में किसी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला तो पीपीपी ‘किंगमेकर’ की भूमिका निभा सकती है. निर्दलीय उम्मीदवार 20 सीटों पर आगे चल रहे हैं. कुल 272 सीटों में से 230 सीटों के रुझान प्राप्त हुए हैं.

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272 सीटों पर हुआ चुनाव
पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में कुल 342 सदस्य होते हैं जिनमें से 272 को सीधे तौर पर चुना जाता है जबकि शेष 60 सीटें महिलाओं और 10 सीटें धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित हैं. आम चुनावों में पांच फीसदी से ज्यादा वोट पाने वाली पार्टियां इन आरक्षित सीटों पर समानुपातिक प्रतिनिधित्व के हिसाब से अपने प्रतिनिधि भेज सकती हैं. कोई पार्टी तभी अकेले दम पर सरकार बना सकती है जब उसे 172 सीटें हासिल हो जाए.

ये नेता बनाए हुए हैं बढ़त
अगला प्रधानमंत्री बनने की उम्मीद कर रहे पीएमएल-एन प्रमुख शाहबाज शरीफ रुझानों के मुताबिक एनए -249 (कराची पश्चिम – दो) में 4,230 मतों से आगे चल रहे हैं. पीपीपी अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी भी एनए -200 (लरकाना एक) में 5,218 मतों से आगे चल रहे हैं. चुनाव आयोग के मुताबिक , नेशनल असेंबली की 272 जनरल सीटों के लिए 3,459 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं. जबकि चार प्रांतीय विधानसभाओं – पंजाब,सिंध, बलूचिस्तान और खैबर – पख्तूनख्वा – की 577 जनरल सीटों के लिए 8,396 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इन चुनावों में 30 से ज्यादा राजनीतिक पार्टियों ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं.

297 सीटों में से 119 सीटों पर मिले रुझान के मुताबिक पंजाब असेंबली में पीएमएल-एन और पीटीआई के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है जहां दोनों क्रमश : 54 और 43 सीटों पर आगे चल रहे हैं. सिंध असेंबली में 131 सीटों में से 45 पर मिले रुझान के मुताबिक पीपीपी अपने गढ़ में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभर रही है जहां वह 31 सीटों पर आगे चल रही है. वहीं खैबर पख्तूनख्वा में पीटीआई 99 असेंबली सीटों में से सात सीट पर आगे चल रही है.

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नहीं बढ़ाई गई वोटिंग की टाइमिंग
इससे पहले , पाकिस्तान मुस्लिम लीग – नवाज (पीएमएल – एन), पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) और पाकिस्तान तहरीक – ए – इंसाफ (पीटीआई) सहित कई प्रमुख पार्टियों ने मतदान की अवधि एक घंटा बढ़ाने की मांग की थी , लेकिन इसके बावजूद मतदान अपने निर्धारित समय पर खत्म हुआ. राजनीतिक पार्टियों ने ‘‘ मतदान की धीमी प्रक्रिया ’’ की शिकायत की थी और मतदाताओं को और वक्त मुहैया कराने की मांग की थी. लेकिन चुनाव आयोग ने उनके अनुरोध को मानने से इनकार कर दिया.

फिदाइन हमले में 31 की मौत
आम चुनावों के लिए मतदान शुरू होने के कुछ घंटे बाद इस्लामिक स्टेट के एक फिदाइन हमलावर ने बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा के भोसा मंडी इलाके के एक मतदान केंद्र के बाहर विस्फोट में खुद को उड़ा लिया. इस हमले में कई पुलिसकर्मियों सहित 31 लोग मारे गए. पुलिस ने बताया कि चुनाव से जुड़ी हिंसा की अलग – अलग घटनाओं में चार लोग मारे गए. कई मतदान केंद्रों के बाहर प्रतिद्वंद्वी पार्टियों के बीच झड़पें हुईं.

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सत्ता का दूसरा लोकतांत्रिक परिवर्तन
पाकिस्तानी संसद के निचले सदन और चार प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों के लिए वोट करने के लिए करीब 10.6 करोड़ लोग वोटर के तौर पर पंजीकृत हैं. पाकिस्तान के 70 साल के इतिहास में यह चुनाव सत्ता का दूसरा लोकतांत्रिक परिवर्तन है. आधिकारिक तौर पर मतदान केंद्र सुबह आठ बजे खुले , लेकिन उत्साही नागरिक सुबह सात बजे से ही मतदान केंद्रों के बाहर कतारों में खड़े नजर आए.

16 लाख चुनाव कर्मियों की हुई थी तैनाती
सुचारू मतदान प्रक्रिया के लिए पाकिस्तान चुनाव आयोग ने देश भर में करीब 16 लाख चुनाव कर्मियों को मतदान केंद्रों पर तैनात किया है. सुरक्षा के लिए करीब 4,49,465 पुलिसकर्मियों और 3,70,000 से ज्यादा सैन्यकर्मियों की तैनाती की गई है. मतदान के मद्देनजर पूरे देश में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया था.