पाकिस्तान में आम चुनाव के रिजल्ट आने लगे हैं. रुझानों की ओर देखें तो इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है. अभी तक उसे 113 सीटें मिलती दिख रही हैं. वहीं, पाकिस्तानी चुनाव आयोग के मुताबिक, 40 में से 26 सीटों पर इमरान की पार्टी को जीत मिल चुकी है. खैर, आते हैं पाकिस्तान चुनाव के भारत के प्रभाव पर. इस पड़ोसी मुल्क से हमारे कैसे रिश्ते हैं ये दुनिया से छिपे नहीं हैं. ऐसे में इस चुनाव पर भारत नजर बनाए हुए है.

नवाज पर मोदी की भाषा बोलने का लगाया था आरोप
पाकिस्तान में चुनावी माहौल बनने के बाद से ही ऐसा आरोप लगाए जाने लगा कि जो सेना पहले नवाज शरीफ के साथ थी अब वह इमरान खान के साथ हो गई है. शरीफ की पार्टी ने तो ये भी आरोप लगाया कि इमरान सेना और आईएसआई के साथ मिलकर चुनाव जीतने की कोशिश कर रहे हैं. इमरान खान पूरे चुनाव कैंपेन के दौरान काफी एग्रेसिव दिखे और कश्मीर का मुद्दा भी उठाते रहें. अपनी कई रैलियों में उन्होंने कश्मीर में हो रही हिंसा के लिए सीधे-सीधे भारत को जिम्मेदार ठहराया. इतना ही नहीं उन्होंने नवाज शरीफ को आधुनिक मीर जाफर कहकर कहा कि वह नरेंद्र मोदी की भाषा बोलते हैं.

‘तालिबान खान’ नाम पड़ा
इमरान खान के एग्रेसिव रुख को देखते हुए वहां के उदारवादी धड़े ने उन्हें ‘तालिबान खान’ बुलाना शुरू कर दिया है. इसके पीछे तर्क दिया जा रहा था कि वह कट्टरपंथी तत्वों को समर्थन करते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस हक्कानी मदरसे को तालिबान का बैक बोन कहा जाता है, उसे इमरान की प्रांतीय गठबंधन सरकार ने 30 लाख डॉलर की मदद की थी. बता दें कि तालिबान के पूर्व चीफ मुल्ला उमर सहित कई नेताओं ने यहीं से शिक्षा हासिल की है.
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नरेंद्र मोदी के खिलाफ दिखाई थी नफरत
इमरान अपने भाषणों में यह कहते रहे कि नवाज को भारत और नरेंद्र मोदी पसंद करते हैं. लेकिन हमारी सेना से दोनों नफरत करते हैं. उन्होंने यहां तक आरोप लगाया कि भारत और नरेंद्र मोदी को पाकिस्तान चुनाव की चिंता है और उन्हें डर है कि इमरान सत्ता में आया तो वह पाकिस्तान के लिए काम करने लगेगा. दूसरी तरफ पाकिस्तानी मीडिया के एक वर्ग ने आरोप लगाया कि इमरान के कैंपने को देखकर भारत में उनके खिलाफ कैंपेन चलाया जा रहा है.

सर्जिकल स्ट्राइक भी था मुद्दा
पाकिस्तानी चुनावी कैंपेन के दौरान इमरान ने जिस तरह से कश्मीर मुद्दा, सीमा पर तनातनी का मुद्दा और सर्जिकल स्ट्राइक का मुद्दा उठाया, वह भारत के लिए चिंता की बात है. इतना ही नहीं एक रैली में इमरान ने ये कहा, ‘चुनाव जीत जाने दीजिए मैं नवाज शरीफ को बताऊंगा कि नरेंद्र मोदी को कैसे जवाब देना है.’ ऐसे में साफ नजर आता है कि इमरान का सत्ता में आना भारत के लिए चिंता की बात है.

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भारत और नवाज पर लगाए आरोप
इमरान ने कई मौके पर आरोप लगाया कि भारत ने नवाज शरीफ के साथ मिलकर पाकिस्तानी फौज को कमजोर किया है. उन्होंने यहां तक आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी कश्मीर का मामला अपने तरीके से हल कराना चाहते हैं तो यह उनकी भूल है. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र रेजुलेशन से कश्मीर मुद्दा हल करने की बात कही. इतना ही नहीं वह कई अवसरों पर जेहादियों से वार्ता शुरू करने और कट्टरपंथियों को मुख्या धारा में जोड़ने की पैरवी कर चुके हैं.