नई दिल्ली। पाकिस्तान चुनाव में इमरान खान की लहर में पूर्व पीएम शाहिद खाकान अब्बासी भी अपनी सीट नहीं बचा सके. खाकान अब्बासी को इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआई) के उम्मीदवार सदाकत अब्बासी ने करीब 6 हजार वोटों से हरा दिया. पूर्व पीएम शाहिद खाकान पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) की ओर से नेशनल एसेंबली-57 मुर्री से चुनाव मैदान में खड़े थे, लेकिन उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा. सदाकत अब्बासी को 97,104 वोट मिले, जबकि शाहिद खाकान ने 91,381 वोट हासिल किए.

इमरान खान की पार्टी नंबर वन

पाकिस्तान में बुधवार को हुए आम चुनावों के बाद हो रही वोटों की गिनती में क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान की पार्टी पीटीआई 114 संसदीय सीटों पर आगे चल रही है. पीटीआई की मुख्य प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल -एन) 71 सीटों पर आगे है. पाकिस्तान में तमाम विवादों और सेना के दखल के बीच मतदान संपन्न हुआ था. चुनाव के दौरान पूर्व पीएम नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम शरीफ को भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में डाल दिया गया.

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दूसरे नंबर पर नवाज की पार्टी

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) करीब 39 सीटों पर आगे चल रही है. अगर संसदीय चुनाव में किसी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला तो पीपीपी किंगमेकर की भूमिका निभा सकती है. यानि ऐसे मौके पर बेनजीर भुट्टो के बेटे बिलावट भुट्टो की भूमिका बेहद अहम हो जाएगी. इसके अलावा निर्दलीय उम्मीदवार 23 सीटों पर आगे चल रहे हैं जो काभी अहम भूमिका निभा सकते हैं.

नेशनल असेंबली में कुल 342 सांसद

पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में कुल 342 सदस्य होते हैं जिनमें से 272 को सीधे तौर पर चुना जाता है जबकि शेष 60 सीटें महिलाओं और 10 सीटें धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित हैं. आम चुनावों में पांच फीसदी से ज्यादा वोट पाने वाली पार्टियां इन आरक्षित सीटों पर समानुपातिक प्रतिनिधित्व के हिसाब से अपने प्रतिनिधि भेज सकती हैं.

कोई पार्टी तभी अकेले दम पर सरकार बना सकती है जब उसे 172 सीटें हासिल हो जाए. फिलहाल ऐसा होता नहीं दिख रहा है. पीटीआई सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है लेकिन बहुमत से काफी दूर दिखाई दे रही है. इमरान खान का पीएम बनने का सपना तभी पूरा हो सकता है जब बिलावल भुट्टो की पीपीपी उन्हें समर्थन का ऐलान करे.