Pakistan Eo2 Satellite Launch China Yangjiang Suparco Space Mission Self Reliance Debate
चीन के दम पर फिर उड़ा पाकिस्तान, ड्रैगन की जमीन से लॉन्च की सैटेलाइट; जानिए स्पेस में क्या करने जा रहा है PAK?
Pakistan Satellite Launch: पाकिस्तान ने गुरुवार को अपने दूसरे अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट EO-2 के सफल लॉन्चिंग का ऐलान किया. आइए जानते हैं इसकी मदद से पाक स्पेस में क्या करने जा रहा है?
Pakistan Satellite Launch: पाकिस्तान ने गुरुवार को अपने दूसरे अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट EO-2 के सफल लॉन्चिंग का ऐलान किया. इस सैटेलाइट को चीन के यांगजियांग सीशोर लॉन्च सेंटर से अंतरिक्ष में भेजा गया. पाकिस्तान की अंतरिक्ष एजेंसी SUPARCO ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया है. सरकार का कहना है कि इससे देश की इमेजिंग क्षमता मजबूत होगी और देश के विकास में मदद मिलेगी, लेकिन जिस सैटेलाइट को ‘स्वदेशी’ बताया जा रहा है, उसकी लॉन्चिंग चीन से होने पर सवाल उठे रहे हैं.
क्या सच में आत्मनिर्भर है पाकिस्तान?
पाकिस्तानी मीडिया और नेताओं ने इस मिशन को तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम बताया. विदेश मंत्री Ishaq Dar ने सोशल मीडिया पर देशवासियों को बधाई दी. हालांकि, इससे पहले भी पाकिस्तान ने अपना पहला EO-1 सैटेलाइट चीन के जिउक्वान सेंटर से लॉन्च किया था. जब किसी देश के पास अपना लॉन्चिंग पैड तक नहीं हो, तो ‘स्वदेशी’ शब्द पर सवाल उठना स्वाभाविक है. विशेषज्ञ मानते हैं कि पाकिस्तान की स्पेस टेक्नोलॉजी अभी भी चीन की मदद पर काफी हद तक निर्भर है.
क्या है पाकिस्तान का अंतरिक्ष मिशन?
एक तरफ पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है, दूसरी तरफ वह लगातार अंतरिक्ष मिशन पर खर्च कर रहा है. देश पर भारी विदेशी कर्ज है और महंगाई भी बड़ी समस्या बनी हुई है. ऐसे में महंगे स्पेस प्रोजेक्ट को लेकर बहस तेज हो गई है. कुछ लोग इसे भविष्य के लिए जरूरी निवेश मानते हैं, तो कुछ इसे मौजूदा हालात में अनावश्यक खर्च बताते हैं. आम जनता पर इसका आर्थिक बोझ पड़ सकता है, क्योंकि सरकारी फंड आखिरकार टैक्स और कर्ज से ही आता है.
सैटेलाइट के फायदे क्या बताए जा रहे हैं?
नेशनल डेवलपमेंट प्लानिंग के लिए बेहतर डेटा मिलेगा.
पर्यावरण निगरानी में मदद मिलेगी.
शहरी विस्तार (Urban Expansion) पर नजर रखी जा सकेगी.
बाढ़, भूकंप जैसी आपदाओं में डिजास्टर मैनेजमेंट मजबूत होगा.
खेती और जल संसाधन से जुड़ी जानकारी जुटाई जा सकेगी.
इन दावों के आधार पर सरकार इसे विकास का महत्वपूर्ण कदम बता रही है.
चीन की क्या है भूमिका?
सैटेलाइट का प्रक्षेपण चीन के लॉन्च सेंटर से हुआ.
तकनीकी सहयोग और ट्रेनिंग में भी चीन की मदद बताई जा रही है.
पहले EO-1 सैटेलाइट का लॉन्च भी चीन से हुआ था.
विशेषज्ञों का मानना है कि इसका इस्तेमाल सिर्फ मौसम या खेती ही नहीं, बल्कि रणनीतिक निगरानी के लिए भी हो सकता है.
‘ऑल-वेदर’ दोस्ती के तहत चीन पाकिस्तान का मुख्य सहारा बना हुआ है.
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