इस्लामाबाद: आतंकवाद को लेकर पाकिस्‍तान बुरी तरह से घिरा नजर आ रहा है. पाकिस्तान सरकार पर आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बढ़ता जा रहा है. पाकिस्तान के वित्त सचिव आरिफ मोहम्मद खान ने खुद अपनी सरकार को आगाह किया है कि वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) की आर्थिक पाबंदी से बचने के लिए प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ मई तक कार्रवाई करनी होगी. आशंका जताई कि अगर पाकिस्तान एफएटीएफ सिफारिशों की उपेक्षा करता है और उसे लागू नहीं करता है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक इसीलिए एफएटीएफ ने पाकिस्तान से कार्य योजना पर अमल करने को कहा है. एफएटीएफ पाकिस्तान के मामले में प्रगति की जून 2019 में समीक्षा करेगा.

पेरिस स्थित एफएटीएफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवादी संगठनों के वित्त पोषण पर नजर रखने वाला संगठन है. पिछले साल संगठन ने पाकिस्तान को संदिग्ध देशों की सूची (ग्रे लिस्ट) से बाहर निकलने के लिए 40 सिफारिशों के साथ अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया. पाकिस्तान को आतंकवादियों को वित्त पोषण पर अंकुश लगाने में नकाम रहने को लेकर इस सूची में रखा गया है.

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आरिफ खान लोक लेखा समिति (पीएसी) की उप-समिति की बैठक में भाग लेने के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे. अखबार डान ने वित्त सचिव के हवाले से कहा है कि देश को एफएटीएफ की सिफारिशों के अनुसार प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करनी है.

खान ने आशंका जताई कि अगर पाकिस्तान एफएटीएफ सिफारिशों की उपेक्षा करता है और उसे लागू नहीं करता है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को एफएटीएफ की सिफारिशों को लागू करने के लिए कदम उठाने होंगे.

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पाकिस्तान की कार्य योजना की हाल की बैठकों में समीक्षा करने वाला एफएटीएफ का अंतरराष्ट्रीय सहयोग समीक्षा समूह (आईसीआरजी) जनवरी 2019 के लिए निर्धारित लक्ष्यों के मामले में प्रगति से संतुष्ट नहीं था. मनी लांड्रिंग निरोधक तथा आतंकवादियों के वित्त पोषण पर लगाम लगाने के मामले में सुधार के बावजूद समूह ने असंतोष जताया.