लाहौर: पाकिस्तान (Pakistan) के पंजाब प्रांत में ईशनिंदा (blasphemy) के आरोप में एक श्रीलंकाई नागरिक (Sri Lankan citizen) की पीट-पीटकर हत्या (lynching’ of Sri Lankan citizen) किए जाने के मामले में अब तक 800 से अधिक लोगों के खिलाफ आतंकवाद (terrorism) के आरोपों में मामला दर्ज किया गया है. इसके अलावा गिरफ्तार किए गए 118 में से 13 प्रमुख संदिग्ध हैं. पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी. इस घटना को लेकर सरकार पर दोषियों को न्याय के कठघरे में लाने का दबाव बढ़ रहा है.Also Read - ICC Test Championship Points Table (2021-23): शर्मनाक स्थिति में 'क्रिकेट का जनक' इंग्लैंड, एशेज सीरीज जीतकर जानिए किस स्थान पर ऑस्ट्रेलिया?

कल शुक्रवार को सियालकोट जिले में हुई इस चौंकाने वाली घटना में कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) के नाराज समर्थकों ने एक कपड़ा कारखाने पर हमला किया और उसके महाप्रबंधक प्रियंता कुमारा दियावदना को ईशनिंदा के आरोप में पीट-पीटकर मार डाला. इसके बाद उनके शव को आग लगा दी. Also Read - Texas में लोगों को बंधक बनाने वाला आतंकी हुआ ढेर, पाकिस्तानी वैज्ञानिक को रिहा करने की कर रहा था मांग

दियावदना (40) श्रीलंका के कैंडी शहर से थे. वह पिछले सात वर्षों से लाहौर से लगभग 100 किलोमीटर दूर सियालकोट जिले में राजको उद्योग कारखाने में महाप्रबंधक के रूप में काम कर रहे थे. Also Read - Four people hostage in Texas: अमेरिका के टेक्सास में चार लोगों को बनाया बंधक, पाकिस्तान के वैज्ञानिक को रिहा करने की मांग

पुलिस महानिरीक्षक (पंजाब) राव सरदार अली खान और पंजाब सरकार के प्रवक्ता हसन खरवार ने शनिवार को यहां घटना की एक प्रारंभिक रिपोर्ट मीडिया के साथ साझा की.
खान ने कहा,’पुलिस ने अब तक श्रीलंकाई नागरिक की हत्या में शामिल 118 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 13 प्रमुख संदिग्ध शामिल हैं.’ पुलिस महानिरीक्षक (पंजाब) राव सरदार अली खान ने कहा कि 800 से अधिक लोगों के खिलाफ आतंकवाद के आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई है.

खान ने कहा, शुक्रवार सुबह 10 बजे कारखाने में 800 से अधिक लोगों की भीड़ जमा हो गई थी, जिन्हें बताया गया था कि कुमारा ने (इस्लामी आयत लिखा) एक स्टिकर / पोस्टर फाड़कर ईशनिंदा की है. हमलावरों ने उन्हें तलाश किया और वह छत पर मिले. भीड़ ने उन्हें घसीटा, बुरी तरह पीटा और सुबह 11.28 बजे तक उनकी मौत हो चुकी थी. इसके बाद हिंसक भीड़ ने उनके शव को आग लगा दी.’ (इनपुट: भाषा)