पाकिस्तान: पाकिस्तान इन दिनों के बेहद अजीब किस्म की तंगी से गुजर रहा है. रसोई की सबसे अहम चीज इन दिनों पाकिस्तान से धीरे-धीरे कर गायब हो रही है. बता दें कि हम आटा की बात कर रहे हैं. पाकिस्तान के सभी चार प्रांतों बलूचिस्तान, पंजाब, सिंध और खैबर पख्तून इलाके में आटा की तंगी देखने को मिल रही है. Also Read - पाकिस्तान के तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी से होगी शाहिद अफरीदी की बेटी की सगाई, परिवार ने की पुष्टि

पाकिस्तान में चल रही खबरों के अनुसार यहां लोग रोटी और नान तक खाने के लिए तरस गए हैं. यहां लोग आटा की कमी का दोषारोपण एक दूसरे पर करने में जुटे हुए हैं. यहां लोग पेट भरने के लिए चावल खाने को मजबूर हैं. बता दें कि पाकिस्तान के अखबार द डॉन के अनुसार बीते काफी महीने से गेहूं के आटे की संकट पाकिस्तान में थी. प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा मुनाफाखोरों द्वारा बढ़ती कीमतो पर कार्रवाई के आदेश दिए जाने के बाद मामला और गंभीर हो गया है. Also Read - India vs England 4th Test Records: इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट मैच में लगी रिकॉर्ड्स की झड़ी, नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आर अश्विन ने की इमरान खान की बराबरी

बता दें कि पाकिस्तान में गेहूं की कमी के कारण नान बेचने वाली कई दुकाने भी अब बंद हो चुकी हैं. विभिन्न नान के काम से जुड़े संगठन नानबाई ने क्षेत्रीय और संघीय सरकारों के खिलाफ अभियान भी चलाया हुआ है. बता दें कि सिंध प्रांत में गेहूं का आटा 43 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है. Also Read - Pakistan: PM इमरान खान ने 178 वोटों से नेशनल असेम्‍बली में विश्‍वासमत जीता

आटे की संकट को लेकर इमरान खान ने पाकिस्तान में आटा संकट को लेकर पंजाब और सिंध की प्रांतीय सरकारों को जिम्मेदार ठहराया. लेकिन इन क्षेत्रीय शासनों ने संघीय सरकार पर यह कहकर प्रहार किया कि इमरान खान सरकार ने सही समय पर हस्तक्षेप नहीं किया इसलिए पाकिस्तान को ये दिन देखने पड़ रहे हैं.