वाशिंगटनः खराब आर्थिक हालात से जुझ रहा पाकिस्तान हर कीमत पर अमेरिकी सहायता हासिल करना चाहता है. वह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के सामने गुहार लगाता दिख रहा है. एक दिन पहले ही उसने भारत के साथ वार्ता शुरू कराने में ट्रंप प्रशासन से मदद मांगी थी, जिसे अमेरिका ने सिरे से खारिज कर दिया. अब पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने ट्रंप प्रशासन के साथ एक बैठक कर इस साल की शुरूआत से अमेरिकी सुरक्षा सहायता रोकने और आतंकवादियों के खिलाफ नए सिरे से प्रभावी अभियान के महत्व पर चर्चा की है. यह जानकारी व्हाइट हाउस ने दी है.

कुरैशी ने दो अक्टूबर को वाशिंगटन में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन और विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ के साथ मुलाकात की थी. व्हाइट हाउस में संवाददाता सम्मेलन में बोल्टन ने बैठकों को उपयोगी बताया. पाकिस्तान को सहायता रोके जाने और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में इस्लामाबाद की ओर से उठाए गए कदमों के बारे में पूछे जाने पर बोल्टन ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘मैंने विदेश मंत्री से इसपर चर्चा की.’’ बोल्टन ने बताया, ‘‘हमने निश्चित रूप से सुरक्षा सहायता रोके जाने और आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान की ओर से नये सिरे से प्रभावी अभियान चलाए जाने के महत्व पर बातचीत की.’’ उन्होंने बताया कि इसके अलावा हमने कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की.

बोल्टन ने कहा, ‘‘कुछ हफ्ते पहले माइक पोम्पिओ की पाकिस्तान यात्रा के बाद मेरा मानना है कि एक चीज जिसपर हम जोर देना चाहते थे, वह यह है कि हमें वहां की नई सरकार से उम्मीदें हैं और हम नई शुरूआत करेंगे और आगे बढ़ेंगे.’