Video: अमेरिका को ही सुरक्षा देने लगा पाकिस्तान, F-16 के घेरे में उतरा जेडी वेंस का प्लेन

Written By: Gargi Santosh Updated by: Gargi Santosh
Updated Date:April 11, 2026 4:52 PM IST

पाकिस्तान में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) की मौजूदगी में अमेरिका-ईरान के बीच ऐतिहासिक वार्ता चल रही है. जब वह पाकिस्तान लैंड कर रहे थे, तो आसमान में पाकिस्तान उनके विमान को सुरक्षा दे रहा था.

ईरान और अमेरिका-इजरायल में बढ़ते तनाव के बीच एक घटना सामने आई है, जिसने दुनिया का ध्यान खींचा. दरअसल, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का विमान जब पाकिस्तान पहुंचा, तो उसे पाकिस्तानी एयरफोर्स के F-16 फाइटर जेट्स ने एस्कॉर्ट किया. यह नजारा काफी खास माना जा रहा है, क्योंकि यह एक बड़े अंतरराष्ट्रीय संवाद की शुरुआत का संकेत है. अमेरिकी वायुसेना का Boeing C-32A विमान इस्लामाबाद के पास नूर खान एयरबेस पर उतरा. पाकिस्तान की भूमिका इस पूरे घटनाक्रम में एक मध्यस्थ के तौर पर नजर आ रही है, जो दोनों देशों के बीच बातचीत को आसान बनाने की कोशिश कर रहा है.

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डिस्क्लेमर: यह वीडियो एक्स (X) से लिया गया है. 

इस्लामिक क्रांति के बाद पहली बार होगी हाई लेवल मीटिंग

उपराष्ट्रपति की इस यात्रा का मकसद अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत है. जो 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद पहली बार इतने उच्च स्तर पर होगी. अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर भी शामिल हैं. वहीं ईरान की तरफ से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ और विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची इस बातचीत का नेतृत्व कर रहे हैं. यह मुलाकात इसलिए भी अहम है, क्योंकि दोनों देशों के रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं और अब पहली बार आमने-सामने बैठकर समाधान निकालने की कोशिश हो रही है.

दोनों देशों के बीच समझौता कराना आसान नहीं

हालांकि बातचीत शुरू हो रही है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच भरोसे की कमी साफ नजर आ रही है. ईरान की तरफ से साफ कहा गया है कि उनका अनुभव अमेरिका के साथ बातचीत में अच्छा नहीं रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी समझौते हुए, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया गया. यही वजह है कि इस बार भी ईरान सावधानी से कदम बढ़ा रहा है. दूसरी तरफ अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम और सैन्य गतिविधियों पर नियंत्रण लगाए. ऐसे में दोनों देशों के बीच समझौता आसान नहीं दिख रहा, लेकिन बातचीत शुरू होना ही एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.

पाकिस्तान की भूमिका भी समझें

इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान खुद को एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ के रूप में पेश कर रहा है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने दोनों देशों से शांति और रचनात्मक बातचीत की अपील की है. उनका कहना है कि पाकिस्तान चाहता है कि यह संवाद एक स्थायी समाधान की दिशा में आगे बढ़े. पाकिस्तान की यह कोशिश उसे क्षेत्रीय राजनीति में एक अहम भूमिका दिला सकती है. साथ ही यह भी दिखाता है कि वह अंतरराष्ट्रीय मुद्दों में सक्रिय भागीदारी निभाना चाहता है.

मिडिल ईस्ट में अभी कैसे हैं हालात?

इस बीच मिडिल ईस्ट के दूसरे हिस्सों में भी हालात नाजुक बने हुए हैं. लेबनान और इजराइल के बीच तनाव के बाद अब बातचीत की तैयारी हो रही है, जिससे उम्मीद है कि स्थिति कुछ हद तक सामान्य हो सकती है. फिलहाल जो माहौल बना है, उसमें यह साफ है कि आने वाले दिन बेहद अहम होंगे. अगर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सफल रहती है, तो यह पूरे क्षेत्र में शांति की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है. लेकिन अगर मतभेद ज्यादा बढ़ते हैं, तो इसका असर वैश्विक राजनीति और सुरक्षा पर भी पड़ सकता है.

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