इस्लामाबाद: पाकिस्तान सरकार ने गुरुवार को कहा कि आसिया बीबी देश छोड़ने के लिए आजाद हैं. ईसाई महिला आसिया मृत्युदंड की सजा के साथ आठ साल जेल में बिताने के बाद ईशनिंदा के सभी आरोपों से दोषमुक्त हुई हैं. पाकिस्तान की शीर्ष अदालत ने मंगलवार को आसिया की रिहाई के खिलाफ एक अपील को खारिज कर दिया जिससे देश से उनके संभावित प्रस्थान का मार्ग प्रशस्त हुआ.

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आसिया एक आजाद पाकिस्तानी नागरिक
पाकिस्तान विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने इस्लामाबाद में संवाददाताओं को बताया “यह सर्वोच्च न्यायालय का फैसला है, जो सभी को पता है. इसमें कोई रहस्य नहीं है. सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को लागू किया जाएगा.” फैजल ने कहा, “जहां तक मेरी जानकारी है, आसिया बीबी अभी भी पाकिस्तान में हैं. यह उन पर है कि वह पाकिस्तान में रहना चाहती हैं या विदेश जाना चाहती हैं.” उन्होंने कहा कि आसिया एक आजाद पाकिस्तानी नागरिक हैं और उनके आने-जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है. मंगलवार को अदालत के आदेश से पहले आसिया के वकील सैफुल मलूक ने समाचार एजेंसी एफे को बताया था कि वह कनाडा में अपनी दो बेटियों के पास जा सकती हैं लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वह अपनी मातृभूमि छोड़ेंगी या नहीं.

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ये था मामला
बता दें कि पांच बच्चों की मां आसिया बीबी ने पिछले साल रिहा होने से पहले मुल्तान की एक जेल में आठ साल अपने मृत्यु दंड का इंतजार किया. आसिया पर 2009 में पैगंबर मोहम्मद का अपमान करने का आरोप लगाया गया था और एक अदालत ने 2010 में उन्हें मृत्यु दंड की सजा सुनाई थी. क्रिश्चियन धर्म को मानने वाली ईसाई महिला आसिया बीबी पर तकरीबन 8 साल पहले पड़ोसियों के साथ हुए एक विवाद में इस्लाम का अपमान करने का आरोप लगा था. इस मामले में पांच बच्चों की मां 47 वर्षीय आसिया बार-बार खुद को बेगुनाह बताती रहीं. बावजूद इसके पिछले आठ साल में अधिकतर वक्त उन्होंने जेल में ही बिताया है. पाकिस्तान की शीर्ष अदालत ने गत वर्ष 31 अक्टूबर को फैसला सुनाते हुए उन्हें इस मामले से बरी कर दिया था. जिसके बाद फैसले के खिलाफ देश भर कट्टरपंथियों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए गए थे.