इस्लामाबाद. कभी ‘सूखी रोटी’ खाकर भारत से जंग लड़ने का दावा करने वाला पाकिस्तान आज पाई-पाई का मोहताज हो गया है. एक के बाद एक आतंकी घटनाओं के सूत्र पाकिस्तान से होने के बावजूद भारत के दावों को खारिज कर दुनिया में अपनी पहचान बनाने में जुटा पाकिस्तान, इस हद तक आर्थिक तंगी से जूझ रहा है कि अब उसे कर्ज चुकाने के लिए अपनी संपत्ति बेचनी पड़ रही है. आपको याद ही होगा कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच फैले तनाव पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने किस तरह भारत पर युद्ध का माहौल बनाने का आरोप लगाते हुए डींगे हांकी थी. उस समय भी पाकिस्तान की आर्थिक हालत किसी से छिपी नहीं थी. दुनियाभर के जानकार यह तथ्य जानते थे कि पाकिस्तान चाहकर भी भारत के खिलाफ युद्ध नहीं कर सकता, क्योंकि उसकी अर्थव्यवस्था अंदर से खोखली हो चुकी है. अब तो यह नौबत आ गई है कि पाकिस्तान को अपना कर्ज चुकाने के लिए मंत्रालयों की संपत्ति बेचनी पड़ रही है.

जी हां, धन की तंगी से जूझ रही पाकिस्तान सरकार ने बढ़ते कर्ज का भुगतान करने के लिए केंद्रीय मंत्रालयों की बिना-इस्तेमाल के पड़ी सम्पत्तियों की बिक्री करने का फैसला किया है. यह जानकारी मीडिया की रपटों में दी गई है. इन रिपोर्टों के मुताबिक यह निर्णय प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया. पाकिस्तान पर इस समय 27,000 अरब पाकिस्तानी रुपए के बराबर कर्ज का बोझ है. सूचना मंत्री फवाद चौधरी के हवाले से कहा गया है कि मंत्रालयों और संबंधित विभागों की केवल वही सम्पत्तियां बेची जाएंगी जो बिना किसी इस्तेमाल के पड़ी हैं. अखबार डॉन ने उनके हवाले से कहा है कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने ऐसी सम्पत्तियों की सूची मंगवायी है.

बिक्री के लिए निजीकरण मंत्रालय की ओर से एक सम्पत्ति प्रबंधन कंपनी बनाई गई है. एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार की एक रपट के अनुसार निजीकरण आयोग को ऐसी 45,000 से अधिक सम्पत्तियों की सूची पहले ही हासिल हो चुकी है. हालांकि, इनमें से ज्यादातर को लेकर विवाद है. रिपोर्ट के अनुसार नियमों में ढील दिए जाने के बावजूद संपत्तियों की पहली बिक्री में कम से कम छह माह का समय लग सकता है. यानी पाकिस्तान को अभी आर्थिक रूप से संभलने में भी लंबा वक्त लगेगा. बावजूद इसके, पाकिस्तान के राजनेता और वहां की सेना, भारत के खिलाफ अपनी हरकतों पर लगाम नहीं लगा पा रही है.

(इनपुट – एजेंसी)