पाकिस्तान सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ (Nawaz Sharif) को ‘भगोड़ा’ घोषित कर दिया है. इसके साथ-साथ उनके प्रत्यर्पण के लिये ब्रिटिश सरकार से संपर्क भी किया गया है. नवाज शरीफ इलाज के लिए फिलहाल लंदन में हैं. जवाबदेही एवं आंतरिक मामलों पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के सलाहकार शहजाद अकबर ने कहा कि मेडिकल आधार पर शरीफ (70) की चार हफ्तों की जमानत की अवधि पिछले साल दिसंबर में समाप्त हो गई. Also Read - पाकिस्तान की नापाक चाल, गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव की तैयारी

अकबर के हवाले से डॉन न्यूज ने बताया, ‘सरकार उन्हें (शरीफ को) एक भगोड़ा मान रही है और उनके प्रत्यर्पण के लिए ब्रिटिश सरकार को एक अनुरोध भेजा जा चुका है.’ नवाज शरीफ पाकिस्तान के तीन बार प्रधानमंत्री रहे हैं. भ्रष्टाचार के एक मामले में शरीफ को एक जवाबदेही अदालत ने कैद की सजा सुनाई थी. शरीफ ने पिछले हफ्ते लाहौर की एक अदालत को सूचना दी कि वह देश लौटने में असमर्थ हैं, क्योंकि उनके चिकित्सकों ने उन्हें कोरोना वायरस महामारी के चलते वहां नहीं जाने को कहा है. Also Read - ED ने कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर शाह की पत्नी के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया

शरीफ ने अपने वकील के जरिये लाहौर उच्च न्यायालय को अपनी मेडिकल रिपोर्ट सौंपी और कहा कि चिकित्सकों ने उन्हें महामारी के चलते बाहर नहीं जाने की सलाह दी है क्योंकि उनके रक्त में प्लेटलेट कम है, वह मधुमेह, हृदय, किडनी और रक्तचाप से जुड़ी समस्याओं से ग्रसित हैं. अकबर ने कहा कि सरकार राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो से शरीफ के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने को कहेगी और वह शहबाज शरीफ की गारंटी की कानूनी वैधता पर भी गौर कर रही है, जो अपने बड़े भाई को उपचार के बाद अपने साथ पाकिस्तान लाने वाले हैं. Also Read - भारत ने कश्मीर पर टिप्पणी करने वाले ओआईसी, तुर्की और पाकिस्तान को सुनाई खरी-खोटी

सोशल मीडिया पर एक नयी तस्वीर साझा किये जाने के बाद उनकी यह टिप्पणी आई है. तस्वीर में यह दिख रहा है कि शरीफ लंदन की सड़कों पर अपने बेटे हसन नवाज के साथ एक छाता लिये टहल रहे हैं. सलाहकार के हवाले से खबर में कहा गया है, ‘लंदन की सड़कों पर घूमने की उनकी तस्वीरें न्यायपालिका के मुंह पर एक तमाचा है और सरकार इसकी अनुमति नहीं दे सकती. इसमें कुछ भी व्यक्तिगत नहीं है, हम सिर्फ कानून लागू करने और इसकी जरूरतें पूरी करने की कोशिश कर रहे हैं.’