वाशिंगटन. संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत निक्की हेली का कहना है कि पाकिस्तान ने कई वर्षों तक अमेरिका के साथ ‘दोहरा खेल’ खेला है लेकिन ट्रंप प्रशासन इसे बर्दाशत नहीं करेगा. निक्की ने अमेरिकी की ओर से पाकिस्तान को मिलने वाली 25 करोड़ 50 लाख डॉलर की सहायता राशि रोकने संबंधी राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले का समर्थन किया है. Also Read - Final US Presidential debate 2020 live: अमेरिका चुनाव में भी रोजगार है मुद्दा, जो बिडेन ने कहा- 1100 रुपये घंटा करेंगे न्यूनतम मजदूरी

न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में निक्की ने पत्रकारों से कहा, ‘इसके कारण स्पष्ट हैं. पाकिस्तान ने कई वर्षों तक दोहरा खेल खेला है.’ उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान एक ही समय में हमारे साथ काम करता है और उसी समय आतंकवादियों को भी पनाह देता है जो अफगानिस्तान में हमारे सैनिकों पर हमला करते हैं. प्रशासन इस खेल को बर्दाशत नहीं करेगा.’ निक्की ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान से इससे कहीं अधिक सहयोग की उम्मीद करता है. Also Read - आतंकी संगठनों को मदद दे रहा है पाकिस्तान, सुरक्षित वातावरण मुहैया कराना जाना जारी: विदेश मंत्रालय

इस वर्ष के अपने पहले संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान ने आतंकवाद को समर्थन एवं पनाह देना लगातार जारी रखा है इसलिए ट्रंप प्रशासन इसे रोकने के लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार है.’ निक्की ने कहा कि सहायता राशि रोकने का संबंध पूरी तरह पाकिस्तान द्वारा आतंकवादियों को पनाह देने से है. Also Read - कश्मीर में भारत 22 अक्टूबर को मनाएगा 'काला दिवस', 1947 में पाकिस्तान ने घाटी में कराई थी हिंसा

निक्की ने कहा, ‘पाकिस्तान एक ही समय में हमारे साथ काम करता है और उसी समय आतंकवादियों को भी पनाह देता है जो अफगानिस्तान में हमारे सैनिकों पर हमला करते हैं. प्रशासन इस खेल को बर्दाशत नहीं करेगा.’ अमेरिका ने पाकिस्तान को दी जाने वाली 25 करोड़ 50 लाख डॉलर की सहायता राशि रोकने की घोषणा की है.

शीर्ष अमेरिकी राजनयिक ने कहा, ‘सहायता रोकने का फैसला पाकिस्तान के आतंकवादियों को पनाह देने से जुड़ा है.’ दूसरी ओर, पाकिस्तान ने इन आरोपों पर ‘गहरी निराशा’ व्यक्त की और कहा कि आरोपों से दोनों देशों के बीच ‘विश्वास’ को तगड़ा झटका लगा है.

विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक ट्वीट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे को चुनौती दी कि अमेरिका ने उसे गत 15 वर्षों में 33 अरब डॉलर से अधिक की सहायता दी है. उन्होंने कहा कि किसी ऑडिट कंपनी से सत्यापन कराने से अमेरिकी राष्ट्रपति गलत साबित होंगे.