इमरान खान जिंदा हैं या नहीं? मुनीर और शहबाज क्यों साधे हुए हैं चुप्पी, नवाज का बड़ा आरोप
Pakistan News: पाकिस्तान में राजनीतिक भूचाल जारी है. हाल ही में इमरान खान की जेल में मौत की अफवाहों ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया है. उनके समर्थक जेल के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं.
Imran Khan News: पाकिस्तान में वर्तमान समय में सियासी भूचाल देखने को मिल रहा है. हाल ही में यह अफवाह तेजी से फैल रही है कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में मौत हो गई है. इस खबर के बाद उनकी पार्टी पीटीआई (PTI) के समर्थक जेल के बाहर जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. इसी बीच इमरान खान की तीन बहनों ने दावा किया कि जेल प्रशासन ने उन्हें भाई से मिलने की अनुमति देने से इनकार करते हुए “क्रूरतापूर्वक हमला” किया.
इस घटनाक्रम ने देश में राजनीतिक तनाव और बढ़ा दिया है. पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है. अफवाहों और विरोध प्रदर्शन के बीच पाकिस्तान की प्रमुख सियासी पार्टी PML-N के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने बुधवार को एक विवादित बयान जरूर दिया.
क्या बोले नवाज शरीफ?
उन्होंने इमरान खान और उनकी सत्ता में आने में भूमिका निभाने वालों पर तीखा हमला किया. नवाज शरीफ ने कहा कि जिन्होंने इमरान खान को सत्ता में लाने का काम किया, वे खुद बड़े अपराधी हैं और उन्हें पूरी तरह से जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए. डॉन की रिपोर्ट के अनुसार नवाज शरीफ ने नवनिर्वाचित विधायकों से कहा, “इमरान खान अकेला अपराधी नहीं है. उसे सत्ता में लाने वाले लोग बड़े अपराधी हैं और उन्हें कानून के सामने खड़ा किया जाना चाहिए.”
इमरान खान को मिली थी बड़ी जीत
हालांकि, पाकिस्तान चुनाव आयोग के आंकड़े इस दावे पर सवाल उठाते हैं. 2018 के चुनावों में PTI ने 270 नेशनल असेंबली सीटों में से 115 सीटें जीतकर पाकिस्तान की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में उभरकर अपने दम पर बहुमत हासिल किया था. यह स्पष्ट करता है कि इमरान खान को सत्ता में लाने में जनता की भूमिका अहम थी.
ऐसे में नवाज शरीफ का बयान यह सवाल खड़ा करता है कि क्या वे सच में इमरान से जुड़े अपराध की बात कर रहे हैं या पाकिस्तान की जनता और सेना पर निशाना साध रहे हैं, जिन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत इमरान को प्रधानमंत्री चुना.
शहबाज शरीफ ने लगाए थे आरोप
इसके अलावा, इमरान खान के प्रधानमंत्री बनने के बाद तब के PML-N नेता और वर्तमान पीएम शहबाज शरीफ ने भी 25 जुलाई के चुनावों में धांधली के आरोप लगाए थे. उन्होंने दावा किया कि चुनाव में लगभग 16 लाख वोट खारिज कर दिए गए और देश भर में गटरों और सड़कों पर मिले मतपत्रों की वैधता पर सवाल उठाया. यह घटनाक्रम पाकिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया की विवादास्पद स्थिति को दर्शाता है.
देश की राजनीति हुई और जटिल
सियासी विश्लेषकों के अनुसार, पाकिस्तान में सत्ता संघर्ष और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लंबे समय से चला आ रहा है. PTI और PML-N के बीच इस प्रकार के आरोप-प्रत्यारोप से आम जनता में भी असमंजस की स्थिति पैदा होती है. इमरान खान के समर्थक और विपक्षी दोनों ही गुट अपने-अपने दृष्टिकोण के आधार पर सार्वजनिक बयान दे रहे हैं, जिससे देश की राजनीति और जटिल हो रही है.
पाकिस्तान की सियासत वर्तमान में गहराई और तनाव दोनों का सामना कर रही है. इमरान खान की जेल में स्थिति, उनकी पार्टी के समर्थकों के विरोध और नवाज शरीफ जैसे सियासी नेताओं के बयान देशभर में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं. इस स्थिति के आगे और क्या मोड़ आते हैं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा, लेकिन फिलहाल राजनीतिक और सामाजिक तनाव बरकरार है.
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