इस्लामाबाद: भारत और अमेरिका के बीच हाल में हुए रक्षा समझौतों ने पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ा दी है. उसने दोनों देशों के बीच हुए करार पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में हथियारों की होड़ बढ़ेगी. पाकिस्तान विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता आयशा फारूकी ने अपनी साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में यह चिंता जताई. Also Read - कोरोना पीड़ितों की मदद के लिए WHO करेगा कार्यक्रम का आयोजन, शाहरुख खान और प्रियंका चोपड़ा भी होंगे शामिल

उन्होंने कहा कि हाल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच हुए अरबों डॉलर के रक्षा करार पर पाकिस्तान को आपत्ति है. पाकिस्तान कई बार अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से क्षेत्र में हथियारों की होड़ को लेकर अपनी चिंता जता चुका है. फारूकी ने भारत के अंदरूनी मामलों में सीधा दखल देते हुए दिल्ली में हुई हिंसा का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि वहां जिस तरह की हिंसा समुदाय विशेष के खिलाफ हुई है, उस पर पाकिस्तान और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय चिंतित है. संयुक्त राष्ट्र और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ी संस्थाओं ने अपनी चिंता स्पष्ट शब्दों मे व्यक्त की है. उन्होंने आरोप लगाया कि ‘भारत बिना किसी उकसावे के नियंत्रण रेखा पर लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रहा है. बुधवार को भारतीय राजनयिक को तलब कर इस बारे में विरोध भी दर्ज कराया गया है. Also Read - Coronavirus impact: मुकेश अंबानी की संपत्ति 2 महीने में घटी हर रोज औसतन 30 करोड़ डॉलर

अफगानिस्तान शांति प्रक्रिया पर कही ये बात
उन्होंने अफगानिस्तान शांति प्रक्रिया पर कहा कि उम्मीद है कि अमेरिका और तालिबान के बीच करार होने के बाद अफगानिस्तान के संबद्ध पक्षों में भी बातचीत शुरू होगी. शांति प्रक्रिया में पाकिस्तान हर तरह से मदद देगा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण में खास रोल है. Also Read - मंत्री युद्धस्तर पर 10 प्रमुख फैसले और 10 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों का प्‍लान तैयार करें: PM मोदी