इस्लामाबाद: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हजारों प्रदर्शनकारी एक बड़े शिविर में रविवार की उस समयसीमा के समाप्त होने का इंतजार कर रहे हैं जो उनके नेता ने देश के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा इस्तीफा दिए जाने के लिए तय की थी. लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन जारी रखने के बीच यहां प्राधिकारियों ने शिविर के आस पास सुरक्षा कड़ी कर दी.

 

जमीयत उलेमा ए इस्लाम फज़ल (जेयूआई-एफ) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने खान पर इस्तीफे का दबाव बनाने के लिए पिछले सप्ताह अपने समर्थकों के इस्लामाबाद तक आजादी मार्च का नेतृत्व किया था. उन्होंने खान को ‘अवैध’ शासक बताया था. रहमान ने प्रधानमंत्री खान के पद छोड़ने के लिए रविवार तक की समयसीमा दी थी. रहमान का दावा है कि 2018 में हुए चुनाव में धांधली हुई थी और पाकिस्तान की शक्तिशाली सेना ने खान को समर्थन दिया था. सेना ने इन आरोपों से इनकार किया है.

‘रेड जोन’ की ओर भी बढ़ सकते हैं प्रदर्शनकारी
रहमान ने प्राधिकारियों की इस बात पर सहमति जताई है कि प्रदर्शनकारी सरकार द्वारा तय क्षेत्र को नहीं छोड़ेंगे, लेकिन उन्होंने यह भी संकेत दिया हे कि वह खान पर इस्तीफे का दबाव बनाने के लिए ‘रेड जोन’ की ओर भी बढ़ सकते है. इस बीच, प्रधानमंत्री ने कहा है कि उनकी इस्तीफा देने की कोई योजना नहीं है. यह स्पष्ट नहीं है कि रविवार की समयसीमा समाप्त होने के बाद रहमान अगला कदम क्या उठाएंगे.