इस्लामाबाद: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पाकिस्तान को फटकार लगाने के बाद देश के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी आज राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एनएससी) की एक बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं. ट्रंप ने पाकिस्तान पर ‘‘झूठ बोलने और धोखा देने’’ के आरोप लगाए तथा कहा कि वह आतंकवादियों को प्रश्रय देता है. एनएससी की बैठक के बाद पाकिस्तान द्वारा ट्रंप के ट्वीट का जवाब देने की संभावना है.

बैठक पहले संघीय कैबिनेट की बैठक के साथ बुधवार को होने वाली थी. जियो न्यूज ने खबर दी है कि शीर्ष सैन्य एवं असैन्य नेतृत्व बैठक में शामिल होगा.

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ट्रंप ने कल पाकिस्तान पर प्रहार करते हुए इस पर ‘‘झूठ और धोखे’’ के सिवा अमेरिका को कुछ नहीं देने के आरोप लगाए थे और कहा था कि वह पिछले 15 वर्षों से अमेरिका के 33 अरब डॉलर की सहायता के बदले आतंकवादियों को ‘‘सुरक्षित पनाहगाह’’ मुहैया कराता रहा है और अमेरिकी नेताओं को ‘‘बेवकूफ’’ समझता रहा है.

पाकिस्तान पर जोरदार प्रहार करते हुए ट्रंप ने नव वर्ष के पहले दिन अपने पहले ट्वीट में यह भी कहा कि वह पाकिस्तान मिलने वाली विदेशी सहायता भी बंद कर सकते हैं.

ट्रंप ने ट्विट किया, ‘‘अमेरिका ने मूर्खतापूर्ण तरीके से पाकिस्तान को पिछले 15 वर्षों में 33 अरब डॉलर से ज्यादा की राशि दी है और उन्होंने हमें झूठ और धोखे के सिवा कुछ नहीं दिया है, वह हमारे नेताओं को मूर्ख समझता है.’’ अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘वे आतंकवादियों को सुरक्षित पनाह देते हैं जिन्हें हम अफगानिस्तान में ढूंढते हैं. यह अब और नहीं चलेगा.’’ खबरों के मुताबिक पाकिस्तान के राजनयिक प्रयासों पर विदेश मंत्रालय एनएससी की बैठक में जानकारी देगा जबकि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किए गए प्रयासों के बारे में सैन्य अभियान के महानिदेशक जानकारी देंगे.

ट्रंप के बयानों के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका के राजदूत डेविड हेल को तलब कर अपना विरोध जताया. विदेश कार्यालय ने सोमवार रात हेल को समन किया और विदेश सचिव तहमीना जंजुआ ने ट्रंप के बयान पर उनसे जवाब मांगा. ट्रंप के ट्वीट के तुरंत बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा, ‘‘दुनिया को सच्चाई बताएंगे… तथ्यों और कल्पना का अंतर बताएंगे.’’