इस्लामाबाद: पाकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सैन्यसंगठन ने सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के उस बयान को गलत और भ्रामक बताकर खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने 2008 के मुंबई हमले के लिये जिम्मेदार आतंकी संगठनों को लेकर वहां की सरकारों के रवैये की आलोचना की थी. प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एनएससी) की एक बैठक में 2008 के मुंबई हमलों को लेकर शरीफ के हालिया बयान के बाद बनी स्थिति पर चर्चा हुई. शरीफ ने एक साक्षात्कार में सार्वजनिक तौर पर माना था कि पाकिस्तान में आतंकी संगठन सक्रिय हैं. उन्होंने ‘नॉन स्टेट एक्टर्स’ को सीमा पार कर मुंबई में लोगों को ‘मारने’ की इजाजत देने की नीति पर भी सवाल उठाए.

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान ने खुद को अलग- थलग कर लिया है. बैठक के बाद जारी एक बयान में कहा गया कि एनएससी की बैठक में मुंबई हमले के संदर्भ में हालिया बयान की समीक्षा की गई और एक स्वर से इस टिप्पणी को असत्य और भ्रामक करार दिया गया. एनएससी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण और खेदजनक है कि बयान में ठोस साक्ष्यों और तथ्यों की अनदेखी की गई.

प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने शरीफ से की मुलाकात..
डॉन अखबार ने बयान को उद्धृत करते हुये कहा, ‘प्रतिभागियों ने पाया कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह राय या तो गलत धारणा या शिकायत के फलस्वरूप सामने आई जो ठोस साक्ष्यों और वास्तविकताओं की पूरी तरह अनदेखी करती है. प्रतिभागियों ने एक स्वर से आरोपों को खारिज किया और इसमें किये गए भयानक दावों की निंदा की.’ बयान में कहा गया कि गिरफ्तार भारतीय जासूस कुलभूषण जाधव और समझौता एक्सप्रेस हमले के मामले में पाकिस्तान को अब भी भारत से सहयोग का इंतजार है. बैठक के बाद प्रधानमंत्री अब्बासी ने शरीफ से मुलाकात की.

एनएससी की बैठक में रक्षा और विदेश मंत्री खुर्रम दस्तगीर, वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल, विदेश सचिव तहमीना जांजुआ, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) सेवानिवृत्त ले. जनरल नसीर खान जांजुआ, ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के प्रमुख जनरल जुबेर हयात, आईएसआई और मिलिट्री इंटेलीजेंस के महानिदेशक तथा तीनों सेनाओं के प्रमुख थे.

(इनपुट-भाषा)