इस्लामाबाद. पाकिस्तान के निर्वाचन आयोग ने नेशनल असेंबली की 270 में से 250 सीटों के लिए नतीजे शुक्रवार जारी कर दिए. इसमें इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) आम चुनावों में 109 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के तौर पर उभरी है. मतगणना की रफ्तार बहुत धीमी है. चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगाए गए हैं. पाकिस्तान निर्वाचन आयोग (ईसीपी) के अनुसार , पीटीआई के मुख्य प्रतिद्वंद्वी दल पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल – एन) को 62 सीटें और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी को 42 सीटें मिली हैं. निर्दलीय प्रत्याशियों ने 12 सीटों पर जीत दर्ज की है.

दक्षिणपंथी धार्मिक दलों मसलन जमात-ए-इस्लामी और जमियत उलेमा-ए-इस्लाम फजल के गठबंधन मुत्तहिदा मजलिस-ए-अमाल- पाकिस्तान (एमएमएपी) ने 11 सीटों पर जीत हासिल की है. पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री परवेज इलाही की पाकिस्तान मुस्लिम लीग को पांच सीटें मिली हैं. ईसीपी के नतीजों के अनुसार , कराची के मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएमपी) पाकिस्तान को सबसे कम सीटें मिली है. उसे कराची में 20 में से महज चार सीटों पर जीत मिली है.

27 निर्दलीय की भूमिका महत्वपूर्ण
नेशनल असेंबली और चार प्रांतीय विधानसभा चुनावों के लिए मतदान बुधवार को हुआ था. पीटीआई के केंद्र में सरकार बनाने की संभावना है और पार्टी प्रमुख इमरान खान ने गुरुवार को अपने पहले संबोधन में जीत का दावा कर दिया है. बहरहाल, ईसीपी के नतीजों के मुताबिक प्रांतीय विधानसभाओं में पीएमएल-एन 297 सीटों में से 127 सीटों के साथ पंजाब प्रांत में सबसे बड़ी पार्टी बन गई है. इसके बाद पीटीआई को 117 सीटें मिली हैं. निर्दलीय उम्मीदवारों को 27 सीटें मिली है जो सरकार बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.

पीटीआई की पंजाब में भी सरकार
पीटीआई ने पंजाब में भी सरकार बनाने की घोषणा की है. इस कदम से खरीद-फरोख्त के आरोप लग सकते हैं. सिंध प्रांत में पीपीपी को स्पष्ट बहुमत मिला है। उसने सदन की 130 सीटों में से 72 पर जीत दर्ज की है. पीटीआई 20 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर है. पीटीआई को खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा में स्पष्ट बहुमत मिला है. 99 सदस्यीय विधानसभा में उसने 66 सीटें जीती हैं जबकि एमएमएपी 10 सीटों के साथ दूसरी बड़ी पार्टी बनकर उभरी है.

नवाज की पार्टी ने बुलाई सर्वदलीय बैठक
नव गठित बलूचिस्तान अवामी पार्टी (बीएपी) 13 सीटों के साथ बलूचिस्तान विधानसभा में शीर्ष पर है. 51 सदस्यीय विधानसभा में एमएमएपी आठ सीटों के साथ दूसरे नंबर पर आई है. चुनाव परिणामों ने विवाद पैदा कर दिया है और सभी प्रमुख पार्टियों ने चुनावों में धांधली और कुप्रंबधन का आरोप लगाते हुए नतीजों को खारिज कर दिया है. जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन ने इस्लामाबाद में सर्वदलीय बैठक बुलाई है. इसमें पीपीपी, एमएमएपी, एमक्यूएमपी और कई छोटी पार्टियों के शामिल होने की संभावना है.

दूसरी बार लोकतांत्रिक सत्ता हस्तांतरण
पाकिस्तान के 70 साल के इतिहास में यह दूसरा मौका है जब लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता हस्तांतरण हो रहा है. साल 1947 में आजादी के बाद से लेकर अब तक देश की करीब आधी सदी तक पाकिस्तान में सेना का शासन रहा है.