इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक बार फिर कहा है कि उनकी सरकार देश में अल्पसंख्यकों के अधिकारों का संरक्षण करेगी. पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, अल्पसंख्यकों से संबंधित एक कार्यक्रम में सोमवार को इमरान ने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को पूरी सुरक्षा दी जाएगी और उनके धर्मस्थलों की देखभाल की जाएगी. उन्होंने कहा कि हिंदू मंदिरों और सिख गुरुद्वारों का जीर्णोद्धार किया जाएगा और इनका संरक्षण किया जाएगा.Also Read - जसप्रीत बुमराह से पहले दुनिया के ये दिग्गज तेज गेंदबाज भी कर चुके हैं अपने-अपने देश की कप्तानी, देखें तस्वीरें...

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इमरान ने चरमपंथियों का विरोध करते हुए कहा कि इस्लाम अल्पसंख्यकों के जबरन धर्म परिवर्तन की इजाजत नहीं देता. उन्होंने कहा कि इन कट्टरपंथियों की मानसिकता को बदलने की जरूरत है. इस्लाम शांति का धर्म है, बाध्यता का नहीं. जो लोग ताकत के जोर पर दूसरों को धर्म बदलने पर मजबूर करते हैं, वे इस्लाम को सिरे से जानते ही नहीं. Also Read - पाकिस्तान ने भारत को लिस्ट से हटाया, अब इन 3 देशों के खिलाफ सीरीज की योजना

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उन्होंने कहा कि सब जानते हैं कि लोगों ने इस्लाम के नाम पर दुकानें खोली हुईं हैं. सुनते हैं कि सिंध में लोगों को जबरदस्ती मुसलमान बनाने की घटनाएं होती हैं. लोगों को जबरदस्ती मुसलमान बनाने वाले इस्लाम को नहीं जानते. हम कैसे किसी को जबरदस्ती मुसलमान बनाने का मामला अपने हाथ में ले सकते हैं?