इस्लामाबाद. भारत और पाकिस्तान के बीच राजनयिक तनाव के बीच इस्लामाबाद में 500 से ज्यादा जायरीनों ने प्रदर्शन किया. रिपोर्ट के मुताबिक, वे अजमेर शरीफ जाना चाहते थे, लेकिन भारत ने मौजूदा पस्थितियों और सुरक्षा का हवाला देते हुए वीजा देने पर स्थिति स्पष्ट नहीं की है. बता दें कि यह पहला मौका नहीं है, जब ऐसी स्थिति बनी है. इसके पहले भी दोनों देशों के बीच तनाव के दौरान ‘वीजा’ पर संशय रहता था. Also Read - इबादत के लिए खोली गई विश्वप्रसिद्ध अजमेर शरीफ की दरगाह, लेकिन कोरोना ने बदल दिए कई नियम

रिपोर्ट के मुताबिक, समय-समय पर इस तरह की यात्रा प्रभावित होती रही है. पहले भी कई ऐसे मौके आए हैं जब दोनों तरफ से इस तरह की यात्रा पर रोक लगा दी गई है. हालांकि, दूसरी तरफ कहा जा रहा है कि पाकिस्तान की तरफ से सीमा पर जारी गोलाबारी और पाकिस्तान में मौजूद भारतीय राजनयिकों को परेशान करने का मामला सामने आने के बाद भारत वीजा पर विचार कर रहा है. पाकिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती अजमेर शरीफ न पहुंच कर जायरीन निराश हैं. इससे पहले भी जनवरी महीने में वीजा नहीं मिलने की वजह से 192 पाकिस्तानी जायरीन अजमेर शरीफ नहीं पहुंच पाए थे. Also Read - ट्रैवल डेस्टिनेशन में से एक है अजमेर शरीफ दरगाह, उसके बारे में जानें ये खास बातें

बता दें कि इससे पहले भारत ने पाकिस्तान में तैनात अपने राजनयिकों को धमकाने और परेशान किए जाने के विरोध में इस्लामाबाद स्थित अपने उच्चायोग के जरिए पाकिस्तान को एक और ‘नोट वर्बेल’ ( राजनयिक नोट) जारी किया था. तीन महीने से भी कम समय में भारत ने पाकिस्तान को 13 वीं बार ‘नोट वर्बेल’ जारी किया है. हाल के दिनों में दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों ने एक-दूसरे पर अपने वरिष्ठ राजनयिकों के उत्पीड़न का आरोप लगाया है. पाकिस्तान में भारतीय दूतावास के कर्मचारियों के बच्चों को भी प्रताड़ित किया जा रहा है. जिन तरीकों से उत्पीड़न किया जा रहा है, उनमें रात 3 बजे घर के बाहर लगी घंटी बजाना, सुरक्षाकर्मियों द्वारा पूछताछ जैसी कई गतिविधियों से डराया-धमकाया जाना शामिल है. Also Read - अजय देवगन युग के साथ माथा टेकने पहुंचे थे अजमेर शरीफ, भीड़ ने की धक्का-मुक्की तो गुस्से में....

वहीं, दूसरी तरफ पाकिस्तान की तरफ सीमा पर लगातार फायरिंग जारी है. पिछले दिनों ही पाकिस्तानी फायरिंग में एक ही परिवार के 5 लोगों का निधन हो गया था. तनाव की ऐसी स्थिति में वीजा को लेकर संशय बना हुआ है.