
Tanuja Joshi
हल्द्वानी से दिल्ली के बड़े न्यूजरूम तक... तनुजा जोशी, उत्तराखंड के शांत और खूबसूरत शहर हल्द्वानी से ताल्लुक रखती हैं. देहरादून के ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी ... और पढ़ें
पाकिस्तान एक बार फिर राजनीतिक उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है. एक ओर पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के तीन वर्ष पूरे होने पर उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने 5 अगस्त 2026 से देशव्यापी विरोध अभियान शुरू किया है. दूसरी ओर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हाल ही में हुए क्षेत्रीय चुनाव हिंसा, कथित चुनावी धांधली और राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों के कारण विवादों में हैं. इन दोनों घटनाओं ने पाकिस्तान की राजनीतिक स्थिरता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर व्यापक बहस छेड़ दी है.
PTI का कहना है कि इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी के खिलाफ दर्ज मामले राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा हैं. पार्टी नेताओं का आरोप है कि दोनों को न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से राजनीति से बाहर रखने की कोशिश की जा रही है. हालांकि इन मामलों में अदालतों में कई अपीलें लंबित हैं और कानूनी प्रक्रिया जारी है.
PTI अध्यक्ष बैरिस्टर गौहर अली खान ने कहा है कि इस बार का आंदोलन पहले के मुकाबले अलग स्वरूप का होगा. पार्टी की राजनीतिक समिति और विपक्षी दलों के गठबंधन की ओर से संयुक्त रणनीति तैयार की गई है. पार्टी का उद्देश्य केवल गिरफ्तारी का विरोध करना नहीं बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों, न्यायपालिका की स्वतंत्रता और राजनीतिक जवाबदेही की मांग उठाना भी है.

इस आंदोलन को इमरान खान की बहन अलीमा खान की अपील से भी बल मिला है. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से घरों से निकलकर आंदोलन को तेज करने की अपील की है. उनका कहना है कि इमरान खान के साथ न्याय नहीं हुआ और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए व्यापक जनभागीदारी आवश्यक है.
PTI ने हाल में पारित 27वें संवैधानिक संशोधन का भी विरोध किया है. पार्टी का आरोप है कि इस संशोधन से न्यायपालिका की स्वतंत्रता कमजोर होगी और भविष्य में विपक्षी दलों, विशेषकर PTI, के लिए चुनावी प्रक्रिया और अधिक कठिन हो जाएगी. हालांकि सरकार इन आरोपों से सहमत नहीं है और संशोधन को संवैधानिक सुधार बताती रही है.
इस बीच इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति भी चर्चा का विषय बनी हुई है. पार्टी नेताओं के अनुसार उन्हें जेल में सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन (CRVO) नामक आंख की गंभीर बीमारी का पता चला है, जिसके लिए नियमित चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता है. PTI का दावा है कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं. इन दावों पर आधिकारिक संस्थाओं की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं.
दूसरी तरफ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हाल ही में संपन्न क्षेत्रीय चुनाव भी विवादों में हैं. कई रिपोर्टों में मतदान के दौरान हिंसा, बैलेट में अनियमितता और राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोप लगाए गए हैं. विपक्षी दलों और कुछ विश्लेषकों का दावा है कि चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष नहीं रही और परिणाम पहले से तय होने जैसी धारणा मतदाताओं के बीच मजबूत हुई है. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सभी मामलों में उपलब्ध नहीं है.
चुनाव के बाद कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिनमें हिंसा और सुरक्षा बलों की कार्रवाई की खबरें भी सामने आईं. कुछ रिपोर्टों के अनुसार विरोध केवल PoK तक सीमित नहीं रहा बल्कि पाकिस्तान के अन्य शहरों, विशेषकर लाहौर, तक पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की घटनाएं भी सामने आईं.
कुछ अंतरराष्ट्रीय टिप्पणियों में ये भी कहा गया कि पश्चिमी देशों की तरफ से PoK चुनावों पर अपेक्षाकृत सीमित प्रतिक्रिया देखने को मिली, जबकि अन्य क्षेत्रों के चुनावी विवादों पर अधिक मुखर रुख अपनाया जाता है. हालांकि इस विषय पर अलग-अलग देशों और विश्लेषकों के अलग-अलग दृष्टिकोण हैं.
इसके अलावा मीडिया स्वतंत्रता को लेकर भी बहस तेज हुई है. रिपोर्टों में दावा किया गया है कि 2026 के नए नियमों के तहत विदेशी संवाददाताओं पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिससे चुनावी घटनाओं की स्वतंत्र रिपोर्टिंग प्रभावित होने की आशंका जताई गई है.
कुल मिलाकर, इमरान खान के समर्थन में शुरू हुआ PTI का आंदोलन और PoK चुनावों से जुड़े विवाद पाकिस्तान की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम हैं. आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विरोध प्रदर्शन किस दिशा में जाते हैं, न्यायिक प्रक्रिया क्या निष्कर्ष निकालती है और चुनावी पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों पर संबंधित संस्थाएं किस प्रकार प्रतिक्रिया देती हैं.
PTI ने 5 अगस्त 2026 को देशव्यापी प्रदर्शन क्यों शुरू किया?
इमरान खान की गिरफ्तारी के तीन वर्ष पूरे होने, उनकी रिहाई की मांग और राजनीतिक मामलों को कथित रूप से प्रतिशोधपूर्ण बताते हुए PTI ने देशव्यापी आंदोलन शुरू किया.
PTI किस संवैधानिक संशोधन का विरोध कर रही है?
पार्टी 27वें संवैधानिक संशोधन का विरोध कर रही है. उसका आरोप है कि इससे न्यायपालिका कमजोर होगी और विपक्ष के लिए चुनावी प्रक्रिया प्रभावित होगी.
PoK चुनाव विवादों की मुख्य वजह क्या रही?
चुनावों में हिंसा, मतदान में कथित धांधली, राजनीतिक हस्तक्षेप और चुनाव परिणामों की निष्पक्षता पर उठे सवाल प्रमुख विवादों का कारण बने.
इमरान खान की सेहत को लेकर क्या दावा किया गया है?
PTI के अनुसार इमरान खान को जेल में सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन (CRVO) नामक आंख की बीमारी हुई है और उन्हें नियमित इलाज की जरूरत है.
चुनावों के बाद क्या स्थिति बनी?
कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए, हिंसा और सुरक्षा बलों की कार्रवाई की खबरें आईं. कुछ रिपोर्टों में प्रदर्शनकारियों की हिरासत का भी उल्लेख किया गया.
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