FATF Grey List: FATF पेरिस स्थित वित्तीय कार्रवाई कार्य बल यानी एफएटीएफ (Financial Action Task Force) ने एक बार फिर से पाकिस्तान को ‘ग्रे सूची’ रखा है. अब पाकिस्तान एफएटीएफ के अगले सत्र अप्रैल 2022 तक उसकी ‘ग्रे सूची’ में बना रहेगा. एफएटीएफ का तीन दिवसीय सत्र 19 से 21 अक्टूबर तक आयोजित किया गया जिसमें पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में रखने का फैसला किया गया. फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने अपने बयान में कहा, “पाकिस्तान लगातार निगरानी (ग्रे लिस्ट) में है. पाकिस्तान सरकार के पास 34-सूत्रीय कार्य योजना है जिसमें से 30 को संबोधित किया गया है.”Also Read - CDS Bipin Rawat Death: पाक आर्मी के शीर्ष अफसरों ने जनरल बिपिन रावत की मौत पर किए ट्वीट

आतंक वित्तपोषण की निगरानी करने वाले निकाय वित्तीय कार्रवाई कार्यदल (एफएटीएफ) ने बृहस्पतिवार को कहा, “पाकिस्तान अभी उसकी ‘ग्रे (संदिग्ध) सूची’ में ही बरकरार रहेगा क्योंकि उसे यह दर्शाना होगा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकियों जैसे हाफिज सईद और मसूदद अजहर और उनके नेतृत्व वाले समूहों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.” सईद और अजहर भारत के वांछितों की सूची में भी हैं. Also Read - जनरल बिपिन रावत का आर्मी में ऐसा शानदार सफर रहा, देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस तक पहुंचे

एफएटीएफ के अध्यक्ष मार्कस प्लेयर ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि संगठन के ऑनलाइन पूर्ण अधिवेशन के समापन पर यह निर्णय लिया गया. प्लेयर ने कहा कि पाकिस्तान की कार्रवाई योजना को लेकर एफएटीएफ चाहता है कि  पाकिस्तान की तरफ से आतंक वित्त पोषण के खिलाफ की जाने वाली जांच प्रदर्शित हो और संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकी नेताओं और उनके सहयोगियों के खिलाफ कर्रवाई की जाए. प्लेयर ने पेरिस से ऑनलाइन प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि पाकिस्तान एफएटीएफ की ग्रे सूची में बरकरार रहेगा. Also Read - PAK vs BAN, 2nd Test: बल्लेबाजी के बाद गेंदबाजी में भी Virat Kohli से आगे निकले Babar Azam, सिर्फ 8वीं गेंद पर पछाड़ा

दरअसल पाकिस्तान ने अभी भी एफएटीएफ के मानदंडों को पूरा नहीं किया है. ऐसी खबरें हैं कि अब पाकिस्तान को ‘ग्रे सूची’ से हटाने का फैसला अप्रैल 2022 में आयोजित होने वाले एफएटीएफ के अगले सत्र में लिया जा सकता है. गौरतलब है कि जून में एफएटीएफ ने पाकिस्तान को काले धन पर रोक नहीं लगाने, आतंकवाद के लिए वित्तपोषण बढ़ाने पर ‘ग्रे सूची’ में रखा था और उससे संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों से जुड़े हाफिज सईद तथा मसूद अजहर जैसे लोगों के खिलाफ जांच करने और उन पर मुकदमा चलाने को कहा गया था.

2018 से एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में मौजूद पाकिस्तान को इस साल जून में बाकी शर्तों को पूरा करने के लिए अक्टूबर तक तीन महीने का समय दिया गया था. आतंकवाद पर नवीनतम अमेरिकी कांग्रेस की रिपोर्ट ‘पाकिस्तान में आतंकवादी और अन्य आतंकवादी समूह’, कहती है कि अमेरिका द्वारा ‘विदेशी आतंकवादी संगठन’ के रूप में नामित कम से कम 12 समूह पाकिस्तान में स्थित हैं, जिनमें से पांच भारत-केंद्रित हैं. अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, इस्लामाबाद कई नॉन-स्टेट आतंकवादी समूहों के लिए संचालन का आधार बना हुआ है, जिनमें से कई वैश्विक पहुंच के साथ बने हुए हैं.