इस्लामाबाद: पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने इस्राइल के साथ किसी भी प्रकार के संबंध स्थापित करने से इनकार करते हुए रविवार को इस खबर का जोरदार खंडन किया कि कुछ अधिकारियों को लेकर एक इजराइली विमान गुपचुप इस्लामाबाद पहुंचा और हवाई अड्डे पर कई घंटे तक ठहरने के बाद चला गया. Also Read - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सेना का पाकिस्तान में खौफ: भाजपा

राष्ट्रपति अल्वी ने रविवार को तड़के तीन दिन की राजकीय यात्रा पर तुर्की रवाना होने से पहले मीडिया से कहा, ”इस्लामाबाद इजराइल से किसी भी प्रकार का संबंध स्थापित नहीं कर रहा है.” बता दें कि पाकिस्तान और इजराइल के बीच कूटनीतिक संबंध नहीं है. दोनों देशों के विमानों को एक दूसरे के उड़ान क्षेत्र में जाने की भी इजाजत नहीं है. Also Read - पाक ने पुलवामा की साजिश स्‍वीकार करके की बड़ी गलती, अब भारत उठाएगा ये कदम

दरअसल, इजराइली पत्रकार अवी शार्फ ने 25 अक्टूबर को ट्वीट किया था कि एक इजराइली निजी (जेट) विमान तेल अवीव से इस्लामाबाद पहुंचा. वहां 10 घंटे तक रुकने के बाद वह तेल अवीव लौट आया. उसके बाद सोशल मीडिया पर चर्चा चल पड़ी और लोगों ने सरकार की आलोचना शुरु कर दी. विपक्ष ने भी इस ‘गुप्त इस्राइली मिशन’ के बारे में सरकार से सफाई मांगी. Also Read - पाकिस्तान ने ही कराया था पुलवामा हमला, इमरान खान सरकार के मंत्री ने कहा- ये बड़ी कामयाबी थी, हमने घुस कर मारा

विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने पाकिस्तान में इजराइली निजी विमान उतरने की खबर को फर्जी और बेबुनियाद करार देकर खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि यह प्रश्न तो जवाब देने के लायक भी नहीं है.

सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने भी इस खबर का खंडन किया और कहा, सरकार इस्राइल या भारत से कोई गुप्त वार्ता नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि यह बड़ा अफसोजजनक है कि पाकिस्तानी उड़ान क्षेत्र या उसके किसी एयरपोर्ट पर किसी इजराइली विमान की मौजूदगी की खबर से नागर विमानन प्राधिकरण के इनकार के बावजूद ऐसी खबर आई है.

पाकिस्तान मुस्लिम लीग -नवाज के नेता अहसन इकबाल ने कहा कि चौधरी की प्रतिक्रिया दर्शाती है कि सरकार कुछ छिपा रही है. उन्होंने मांग की,”संसद को इस मुद्दे पर विश्वास में लिया जाना चाहिए.”

बीबीसी ऊर्दू ने खबर दी कि संबंधित विमान कनाडा में निर्मित बाम्बाडियर ग्लोबल एक्सप्रेस है और उसकी क्रमांक संख्या 9394 है. वैसे इजराइली पत्रकार ने बाद में कहा कि वह शत प्रतिशत पक्का नहीं हैं कि विमान इस्लामाबाद में उतरा था या नहीं.