'यहां विकलांग जैसी हो गई है पाकिस्तानी सेना', क्यों रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दिया ये दर्द भरा ये बयान

Khawaja Asif: आसिफ ने अपराधियों और आतंकवादियों के बीच सांठगांठ का भी आरोप लगाया. साथी दावा किया कि आपराधिक गिरोह तस्करों की रक्षा के लिए प्रतिबंधित बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के बैनर तले काम कर रहे हैं.

Published date india.com Published: February 4, 2026 11:00 AM IST
'यहां विकलांग जैसी हो गई है पाकिस्तानी सेना', क्यों रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दिया ये दर्द भरा ये बयान
(photo credit reuters, for representation only)

Khawaja Asif: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने चौंकाने वाला बयान दिया है. उन्होंने बलूचिस्तान में बढ़ते हुए हमले के लिए BLA के आपराधिक संबंधों, भारतीय एजेंटों और अफगान समर्थन को जिम्मेदार ठहराया है. साथ ही उन्होंने बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना के सुरक्षा ऑपरेशन्स का बचाव किया.

क्यों कहा सुरक्षा बलों को अक्षम

नेशनल असेंबली को संबोधित करते हुए, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि अशांत बलूचिस्तान में सुरक्षा बल तैनात हैं. सरकार हमलों में तेजी से बढ़ोतरी के बीच बड़े पैमाने पर आतंकवाद विरोधी अभियान चला रही है. पर बलूचिस्तान प्रांत के बड़े भूगोल के कारण सुरक्षा बल शारीरिक रूप से अक्षम हैं.

क्या है पाकिस्तान सेना की सबसे बड़ी चुनौती

आसिफ ने कहा कि बलूचिस्तान का आकार, जो पाकिस्तान की कुल ज़मीन का 40 फीसदी से ज्यादा है, भारी संख्या में सेना की तैनाती के बावजूद बड़ी ऑपरेशनल चुनौतियां खड़ी करता है.

उन्होंने कहा, भौगोलिक रूप से बलूचिस्तान पाकिस्तान का बड़ा हिस्सा है. इसे कंट्रोल करना किसी आबादी वाले शहर से कहीं ज़्यादा मुश्किल है, और इसके लिए भारी संख्या में सेना की तैनाती की जरूरत है. हमारे सैनिक वहां तैनात हैं और उनके (आतंकवादियों के) खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं, लेकिन इतने बड़े इलाके की रखवाली और गश्त करने में वे शारीरिक रूप से अक्षम हैं.

क्या हैं बलूचिस्तान के हालात

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री की यह टिप्पणी सुरक्षा बलों के ऑपरेशन में 177 आतंकवादियों को मार गिराने के बाद आई है. ये ऑपरेशन तब शुरू किए गए जब बलूचिस्तान भर में 12 जगहों पर आतंकवादियों ने हमले किए थे.

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उन्होंने कहा, बलूचिस्तान में, कबायली बुजुर्गों, नौकरशाही और अलगाववादी आंदोलन चलाने वालों ने एक सांठगांठ बना ली है. तस्कर पहले तेल तस्करी से रोज़ाना 4 अरब पाकिस्तानी रुपये तक कमाते थे. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारत समर्थित तत्व बलूचिस्तान में “प्रॉक्सी” के रूप में काम कर रहे हैं और दावा किया कि अफगान ज़मीन का इस्तेमाल आतंकवाद को समर्थन देने के लिए किया जा रहा है.

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