लाहौर: आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को उनकी ही पूर्व विदेश मंत्री ने पड़ोसियों से संबंध सुधारने की नसीहत दी है. हिना रब्बानी खार ने कहा है कि उनके मुल्क को आर्थिक, राजनीतिक या सैन्य रूप से अमेरिका पर आश्रित देश रहने के बजाय भारत और अन्य पड़ोसी देशों के साथ संबंध को मजबूत करना चाहिए. हिना ने ये बात शनिवार को यहां आयोजित ‘थिंक फेस्ट’ में अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों पर बोलते हुए कही. उनका कहना था कि पाकिस्तान ने हमेशा ही खुद के एक पूर्ण रणनीतिक साझेदार होने की कल्पना की है, जो दूर की बात है. पूर्व विदेश मंत्री हिना का कहना है कि हाथ में कटोरा लेकर सम्मान नहीं मिलता.Also Read - दो साल बाद मिले मोदी-पुतिन, 28 समझौतों पर किए हस्ताक्षर, 10 साल बढ़ा सहयोग; जानें 10 बड़ी बातें

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हाथों में भिक्षा पात्र लेकर सम्मान नहीं मिलता

पाकिस्तान के प्रमुख समाचार पत्र ‘डॉन’ में रविवार को आई एक खबर के मुताबिक, पूर्व विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान अपने दोनों हाथों में भिक्षा पात्र रख कर सम्मान नहीं हासिल कर सकता. पाकिस्तान की प्रथम महिला विदेश मंत्री (2011-2013) रह चुकीं हिना ने कहा कि पाकिस्तान का सबसे महत्वपूर्ण संबंध अमेरिका के बजाय अफगानिस्तान, भारत, ईरान और चीन के साथ होना चाहिए. उन्होंने कहा कि अमेरिका उतनी अहमियत पाने का हकदार नहीं है जितनी पाकिस्तान में उसे दी गई है क्योंकि हमारी अर्थव्यवस्था अमेरिका के सहयोग पर निर्भर नहीं है, जैसा कि व्यापक रूप से माना जाता है.

पाकिस्तान के प्रमुख समाचार पत्र डॉन की रिपोर्ट

पाक को सर्वाधिक नुकसान

गौरतलब है कि उनके ही कार्यकाल के दौरान अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान के ऐबटाबाद में मई 2011 में एक अमेरिकी सैन्य अभियान में मारा गया था. हिना ने कहा कि पाकिस्तान को अमेरिका से ज्यादा उम्मीदें नहीं रखनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान को अवश्य ही अफगान युद्ध से बाहर निकल जाना चाहिए. 17 बरसों से चले आ रहे इस युद्ध में पाक को सर्वाधिक नुकसान उठाना पड़ा है. उनका कहना है कि अमेरिका उतने सम्मान का हकदार नहीं है जितना पाकिस्तान उसे देता है.

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