चंडीगढ़: जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 के निरस्त होने के बाद से भारत व पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है. भारत के इस फैसले के बाद से पड़ोसी देश बौखलाया हुआ है और उसने इसी बीच अब पाकिस्तान से भारत में भेजे जाने वाले पोस्टल मेल भेजना बंद कर दिया है. इसके बारे में शनिवार को जानकारी मिली.

मीडिया रिपोर्टों में भारतीय डाक विभाग के उप-महानिदेशक अजय कुमार रॉय के हवाले से कहा गया है कि पाकिस्तान के सीमा शुल्क विभाग ने 23 अगस्त को अपने एक आदेश में मेलों की आवाजाही पर रोक लगा दी है. यह एकपक्षीय आदेश 27 अगस्त को लागू हुआ. एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान से आने वाले पत्रों और प्रकाशनों को पहले सऊदी अरब एयरलाइंस के माध्यम से भारत में भेजा जाता था. चंडीगढ़ स्थित भारत-पाक शांति कार्यकर्ता चंचल मनोहर सिंह ने बताया कि डाक सेवा को रोकना मानव अधिकारों का घोर उल्लंघन है.

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भारत में साहित्यिक दुनिया को एक झटका
भारत व पाकिस्तान के बीच कई प्रतिनिधिमंडलों में शामिल रहे सिंह ने कहा कि यह भारत में साहित्यिक दुनिया को एक झटका है. पंजाब के लोग लाहौर से गुरुमुखी लिपि में प्रकाशित होने वाली त्रैमासिक पत्रिका ‘पंजाब दे रंग’ को पढ़ने के शौकीन थे और अब यह आनी बंद हो गई है. सिंह सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ पीस के अध्यक्ष भी हैं. उन्होंने डाक सेवा की तत्काल बहाली की मांग करते हुए कहा कि इससे आम आदमी प्रभावित हो रहे हैं.