इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने जासूसी के आरोप में नई दिल्ली स्थित अपने उच्चायोग से दो अधिकारियों को निष्कासित किए जाने के भारत के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताने के लिए वरिष्ठ भारतीय राजनयिक को सोमवार को तलब किया. बता दें कि भारत ने रविवार को जासूसी के आरोप में यहां पाकिस्तानी उच्चायोग के दो कर्मचारियों को देश में निषिद्ध करते हुए उन्हें 24 घंटे के अंदर देश छोड़कर जाने का आदेश दिया था. Also Read - विदेश सचिव बोले- भारत कूटनीतिक और सैन्य स्तर के माध्यमों से कर रहा है चीन के साथ बातचीत

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय राजनयिक को कड़ी आपत्ति जताने के लिए तलब किया गया है और यह बताने के लिए कि नई दिल्ली में पाक उच्चायोग के दो अधिकारियों को निषिद्ध घोषित करने की पाकिस्तान निंदा करता है तथा उनके खिलाफ लगाए गए सभी निराधार आरोपों को खारिज करता है. Also Read - डोभाल से बातचीत के बाद अब आया चीन का बयान, कहा- तनाव कम करने को लेकर ‘सहमति’ बनी

विदेश मंत्रालय ने सोमवार की सुबह कहा कि पाकिस्तान ने यह भी कहा कि भारतीय कार्रवाई कूटनीतिक संबंधों पर वियेना समझौते और कूटनीतिक नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है. इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के दो स्टाफ सदस्यों को भारतीय अधिकारियों ने झूठे एवं अप्रमाणित आरोपों पर 31 मई को पकड़ा था. हालांकि, इसने कहा कि उच्चायोग के हस्तक्षेप के बाद उन्हें छोड़ दिया गया. Also Read - कालापानी-लिपुलेख मुद्दा: नेपाल ने भारतीय सीमा पर खोलीं छह चौकियां, दो को किया बंद

नई दिल्ली में बताया कि आबिद हुसैन और मोहम्मद ताहिर नाम के दोनों कर्मचारियों को दिल्ली पुलिस ने उस वक्त गिरफ्तार किया जब वे रुपए के बदले एक भारतीय नागरिक से भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठानों से संबंधित संवेदनशील दस्तावेज हासिल कर रहे थे.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, एक कूटनीतिक मिशन के सदस्य के तौर पर अपने दर्जे से परस्पर विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में सरकार ने दोनों अधिकारियों को निषिद्ध घोषित किया है और उनसे 24 घंटे के अंदर देश छोड़कर वापस जाने को कहा है.

भारत ने जासूसी में पाक उच्चायोग के दो कर्मियों को निष्कासित किया था
भारत ने रविवार को जासूसी के आरोप में यहां पाकिस्तानी उच्चायोग के दो कर्मचारियों को देश में निषिद्ध करते हुए उन्हें 24 घंटे के अंदर देश छोड़कर जाने का आदेश दिया था. मंत्रालय ने कहा कि दोनों अधिकारियों को भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने जासूसी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में पकड़ा.

भारत ने 24 घंटे के अंदर देश छोड़कर जाने को कहा था
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था, एक कूटनीतिक मिशन के सदस्य के तौर पर अपने दर्जे के अयोग्य गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में सरकार ने दोनों अधिकारियों को निषिद्ध घोषित किया है और उनसे 24 घंटे के अंदर देश छोड़कर जाने को कहा है.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि पाकिस्तानी उच्चायोग के प्रभारी को एक आपत्ति पत्र जारी कर भारत की सुरक्षा के खिलाफ इन दोनों अधिकारियों की गतिविधियों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था, पाकिस्तानी उच्चायोग से कहा गया है कि वह यह सुनिश्चित करें कि उनके कूटनीतिक मिशन का कोई व्यक्ति भारत के प्रति शत्रुवत गतिविधि या ऐसे किसी कृत्य में शामिल नहीं होना चाहिए जो उसके दर्जे के अनुकूल न हो.”