इस्लामाबाद: पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने पाक-तुर्क इंटरनेशनल कैग एजुकेशन फाउंडेशन (पीटीआईसीईएफ) को आतंकवादी संगठन घोषित किया है. सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सरकार से अमेरिका स्थित एक मुस्लिम मौलाना से जुड़ी तुर्की की चैरिटी संस्था और उसके शिक्षक फेतुल्लाह गुलेन पर प्रतिबंध लगाने तथा उसके स्कूलों को तुर्की समर्थक सरकारी संगठन को सौंपने के निर्देश दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने 15 पृष्ठों का और न्यायमूर्ति इजाजुल एहसान द्वारा लिखा फैसला सुनाया. Also Read - पाकिस्तान में 'हुबारा बस्टर्ड' का शिकार करेगा दुबई का शाही परिवार, इमरान खान ने अंतरराष्ट्रीय नियम तोड़ कर दी अनुमति

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PTICEF के बैंक खाते फ्रीज करने का आदेश

पीठ ने 13 दिसंबर को मामले पर सुनवाई की थी. जियो न्यूज की एक खबर के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने गृह मंत्रालय से पीटीआईसीईएफ का नाम प्रतिबंधित आतंकवादी संस्थाओं की सूची में शामिल करने के लिए कहा. फैसले में कहा गया है कि पीटीआईसीईएफ की स्थापना 1990 में हुई थी और पाकिस्तान में फाउंडेशन के 28 स्कूल तुर्की सरकार के सहयोग से चल रहे हैं. कभी तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयब एर्दोआन के सहयोगी रहे गुलेन पर 2016 में तख्ता पलट करने के आरोप लगे थे. अमेरिका में रह रहे गुलेन पर तुर्की की सरकार को उखाड़ फेंकने की साजिश रचने के आरोप लगते हैं जिन्हें गुलेन गलत बताते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने पीटीआईसीईएफ के बैंक खाते फ्रीज करने और उनका जिम्मा तुर्किये मारिफ फाउंडेशन को देने का आदेश भी दिया. (इनपुट एजेंसी)

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