इस्लामाबाद | भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को जल्द से जल्द फांसी देने की पाकिस्तान की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी. लेकिन इस याचिका को रविवार को पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया. फारुक एच. नायिक के इस शख्स ने दलील थी कि जब पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने फांसी की सजा पर मुहर लगा चुकी है तो उसे फंसी की सजा दे देनी चाहिए. Also Read - मुंबई आतंकी हमले में वांछित तहव्वुर राणा फेडरल कोर्ट का फैसला आने तक US में ही रहेगा

बता दें याचिकाकर्ता ने अदलात से यह भी घोषणा करने की अपील की कि जाधव मामले पर कार्रवाई कानून से हिसाब से की गई है और पूरी प्रक्रिया का पालन किया गया है साथ ही उसे वह राजनयिक पहुंच भी मुहैया कराई गई है जिसकी मांग भारत ने की थी. फैसला जो भी लिया गया है वह पाकिस्तानी कानून के मद्देनजर लिया गया है. Also Read - विदेश मंत्रालय की पाक को दो टूक, 'जम्मू-कश्मीर भारत का अटूट हिस्सा, कैसा भी सवाल उठाने से हकीकत नहीं बदलती'

बता दें कि पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसके सुरक्षा बलों ने जाधव को 3 मार्च को मार्च 2016 में बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया गया था. पाक का दावा था कि कुलभूषण जाधव भारत की खुफिया एजेंसी रॉ का एजेंट था. जिसके बाद पाकिस्तानी सैन्य कोर्ट ने जासूसी के जुर्म में उसे मौत की सजा सुनाई है. इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) ने अपने अंतरिम आदेश के जरिए जाधव पर कोई अंतिम आदेश के पहले उसकी फांसी की सजा की तामील पर रोक लगा दी थी. Also Read - पाकिस्तान में कोरोना वैक्सीन न लगवाने वालों के सिम कार्ड ब्लॉक होंगे, सरकार का फैसला