इस्लामाबाद: पाकिस्तान में आम चुनाव के लिए होने वाली वोटिंग की तारीख का एलान हो चुका है. पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने देश के अगले आम चुनावों के लिए 25 जुलाई की तारीख तय कर दी है. पाकिस्तान निर्वाचन आयोग (ईसीपी) ने 21 मई को राष्ट्रपति को संक्षिप्त विवरण भेज था और 2018 आम चुनाव को 25 से 27 जुलाई के बीच किसी भी तिथि पर कराने का प्रस्ताव दिया था. राष्ट्रपति कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि हुसैन ने संक्षिप्त विवरण पर हस्ताक्षर करते हुए 25 जुलाई को चुनाव कराने की मंजूरी दी है. Also Read - पाकिस्तान की नापाक चाल, गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव की तैयारी

28 दिन चलेगा प्रचार
चुनाव अधिनियम 2017 की धारा 57(1) के तहत राष्ट्रपति ने ईसीपी के परामर्श के साथ चुनाव की तारीख की घोषणा की, जिसके बाद आयोग को सात दिनों के भीतर चुनाव के लिए कार्यक्रम की घोषणा करनी होगी. ईसीपी के सूत्रों ने कहा कि चुनाव के लिए एक संभावित समय-सारणी तैयार है और आधिकारिक मंजूरी के बाद सोमवार को इसकी घोषणा की जा सकती है.ईसीपी के एक अधिकारी ने कहा कि देश के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा, जब नामांकन जांच अवधि को सात से बढ़ाकर आठ दिन और चुनाव प्रचार अवधि को 21 से बढ़ाकर 28 दिन किया गया है. देश भर में करीब 85 हजार मतदान केंद्रों के साथ 2,85,000 मतदान बूथ बनाए गए हैं और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सुरक्षा कैमरे लगाए जाएंगे. Also Read - ED ने कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर शाह की पत्नी के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया

31 मई को पूरा होगा सरकार का कार्यकाल
वर्तमान सरकार का कार्यकाल 31 मई को पूरा होगा और कार्यवाहक सरकार एक जून से और नई सरकार के गठन तक कामकाज संभालेगी. प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी और विपक्ष के नेता खुर्शीद शाह के बीच कार्यवाहक प्रधानमंत्री के नाम पर अब तक सहमति नहीं बन पाई है. Also Read - भारत ने कश्मीर पर टिप्पणी करने वाले ओआईसी, तुर्की और पाकिस्तान को सुनाई खरी-खोटी

आसिफ अली जरदारी 24 साल बाद लड़ेंगे चुनाव
पूर्व राष्ट्रपति और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सह अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी ने कहा है कि वह अपने गृह नगर नवाबशाह से नेशनल असेम्बली सीट के लिए चुनाव लड़ेंगे. वह 24 वर्षों के बाद चुनावी और संसदीय राजनीति में लौट रहे हैं.सिंध के मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह के आवास पर शनिवार शाम आयोजित इफ्तार पार्टी में 62 वर्षीय जरदारी ने यह घोषणा की.वह कराची के लयारी क्षेत्र से 1990 में और नवाबशाह से 1993 में नेशनल असेम्बली सीट के लिए निर्वाचित हुए थे.

गृह नगर से चुनाव लड़ने का निर्णय
जरदारी ने कहा कि वह लयारी को भी अपना चुनाव क्षेत्र चुन सकते थे लेकिन बाद में उन्होंने अपने गृह नगर से चुनाव लड़ने का निर्णय किया.उन्होंने अनुमान व्यक्त किया कि आगामी असेम्बली चुनावों में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिलेगा.जरदारी 2008 से 2013 तक पाकिस्तान के 11वें राष्ट्रपति रहे.