इस्लामाबादः पाकिस्तान में रविवार को एक ही दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के 1,508 नए मामले सामने आने के साथ ही देश में अभी तक 13,304 लोगों के कोविड-19 से संक्रमित होने की पुष्टि हो चुकी है. बड़ी संख्या में नए मामले आने के बाद सरकारी अधिकारियों और विशेषज्ञों ने वायरस के प्रसार की रोकथाम के मद्देनजर लोगों से रमजान के दौरान मस्जिदों में नहीं जाने और समूह में नमाज नहीं पढ़ने की अपील की है. Also Read - ICC Meeting: टी20 विश्‍व कप 2020 के भविष्‍य को लेकर फैसला 10 जून तक स्‍थगित

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस से कम से कम 18 लोगों की मौत हुई है, जिसके साथ ही देश में मृतकों की संख्या 272 तक पहुंच गई. अब तक 2,936 मरीज संक्रमण मुक्त हो चुके हैं. मंत्रालय के अनुसार, देश में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के 1,508 नये मामले सामने आये जिससे कुल मामलों की संख्या बढ़कर 13,304 हो गई है. Also Read - पाकिस्तानी हैंडलर्स ने भी बनाया 'आरोग्य सेतु एप', खुफिया तंत्र का अलर्ट, आप भी बरतें ये सावधानियां

बड़ी संख्या में संक्रमण के नए मामले आने के बाद पाकिस्तान चिकित्सा संघ और पाकिस्तान इस्लामिक चिकित्सा संघ (पीआईएमए) ने लोगों से घरों में ही नमाज अदा करने और मस्जिदों में नहीं जाने की अपील की. Also Read - Coronavirus Effect: अब इस राज्य में पोस्टमैन घर-घर पहुंचाएंगे आम और लीची, जानें क्या है सरकार की प्लानिंग

पीआईएमए के अध्यक्ष डॉ इफ्तिखार बर्नी ने शनिवार को आगाह किया कि मस्जिदें वायरस के प्रसार के प्रमुख स्त्रोतों में से एक बन रही हैं. उन्होंने कहा, ‘एक महीने में कोरोना वायरस संक्रमण के करीब 6,000 मामले सामने आए थे, लेकिन पिछले छह दिन में ही यह दोगुना हो गए.’

बर्नी ने आगाह किया कि संक्रमण आने वाले मई और जून के महीने में और बढ़ेगा. ऐसी खबरें आ रही हैं कि राष्ट्रपति आरिफ अल्वी और शीर्ष मौलाना के बीच रमजान के दौरान मस्जिदों में नमाज की अनुमति देने के लिए जो 20 शर्तें तय की गई थीं, उनका पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है.

अल्वी ने शर्तों का हवाला देते हुए मस्जिदों के इमाम को पत्र लिखकर अपील की है कि वह 50 वर्ष से अधिक की आयु वाले लोगों को घरों में इबादत करने के लिए कहें. अल्वी ने रावलपिंडी में मस्जिदों का दौरा कर कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार की रोकथाम के लिए मस्जिद प्रशासन की ओर से उठाए जा रहे कदमों का जायजा भी लिया.