इस्लामाबाद: पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अपने नए भारतीय समकक्ष एस जयशंकर को शुक्रवार को एक पत्र में कहा कि उनका देश ‘‘सभी महत्वपूर्ण मुद्दों’’ पर भारत के साथ बातचीत चाहता है और क्षेत्र में शांति स्थापित करने के प्रयासों को लेकर वह प्रतिबद्ध है. कुरैशी ने विदेश मंत्री का कार्यभार संभालने पर जयशंकर को बधाई देने के लिए यह पत्र लिखा है. पूर्व विदेश सचिव जयशंकर ने 30 मई को विदेश मंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया था. Also Read - स्पॉन्सरशिप से हटा चाइनीज ब्रांड, अब BCCI करेगा 10 करोड़ रुपये की मदद

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डॉन समाचार पत्र ने राजनयिक सूत्रों के हवाले से बताया कि कुरैशी ने पत्र में जयशंकर से कहा कि ‘इस्लामाबाद नयी दिल्ली के साथ सभी महत्वपूर्ण मामलों पर बातचीत करना चाहता है और इस क्षेत्र में शांति स्थापित करने के प्रयासों के लिए प्रतिबद्ध है.’ पुलवामा आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया. भारत के सैन्य विमानों द्वारा 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर पर हमला होने करने के बाद अगले दिन पाकिस्तान ने जवाबी हमला किया. इसके साथ ही दोनों दोनों देश लगभग युद्ध की कगार पर पहुंच गए थे. Also Read - राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों के पास उपलब्ध हैं कोरोना की 3.06 करोड़ से अधिक टीके, 4 लाख और भेजने की तैयारी

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इसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने 26 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की और क्षेत्र में शांति और समृद्धि के लिए एक साथ काम करने की इच्छा व्यक्त की. मोदी ने क्षेत्र में शांति और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए आतंकवाद मुक्त माहौल तथा भरोसा बनाने का आह्वान किया. भारत ने पाकिस्तान की वार्ता की पेशकश को अस्वीकार कर दिया है, और उसका कहना है कि आतंकवाद और वार्ता एक साथ नहीं चल सकते.