Pakistan Deputy Prime Minister: पाकिस्तान की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला है. दरअसल, फाइनेंस एक्सपर्ट से विदेश मंत्री बने इशाक डार को अब डिप्टी प्रधानमंत्री का पद सौंपा गया है. अब से डार शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में उप-प्रधानमंत्री के रूप में काम करेंगे. इस बात की आधिरिक घोषणा आज यानि रविवार, 28 अप्रैल को की गई. कैबिनेट डिवीजन द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया- प्रधानमंत्री को विदेश मामलों के संघीय मंत्री मोहम्मद इशाक डार को अगली सूचना तक तत्काल प्रभाव से उप प्रधानमंत्री के रूप में नामित करने में प्रसन्नता हो रही है.
पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के करीबी माने जाने वाले डार की पदोन्नति को संघीय सरकार में नवाज शरीफ के पहले मजबूत प्रभाव के रूप में देखा जाता है. जिसे पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) स्वामित्व लेने से रोकता है और इस बात पर जोर देता है, यह जबरन सौंपी गई गठबंधन सरकार है.
वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक जावेद सिद्दीकी ने कहा- हमने पीएमएल-एन के भीतर से आवाजें सुनी हैं कि उन्हें सैन्य प्रतिष्ठान द्वारा संघीय सरकार को संभालने के लिए मजबूर किया गया था. भले ही नवाज शरीफ इस फैसले के पक्ष में नहीं थे, क्योंकि पार्टी को संघीय सरकार गठन के लिए बहुमत नहीं मिला था.
उन्होंने आगे कहा- अब यह स्पष्ट है कि पीएमएल-एन का ध्यान पंजाब प्रांत पर है, क्योंकि नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज वहां की मुख्यमंत्री हैं. नवाज शरीफ अपना गढ़ फिर से हासिल करना चाहते हैं और अपनी बेटी को एक सफलता की कहानी के रूप में प्रचारित करने की दिशा में काम करना चाहते हैं. साथ ही एक मजबूत प्रभाव भी बनाए रखना चाहते हैं, उन्होंने इशाक डार जैसे अपने भरोसेमंद सहयोगियों के माध्यम से संघीय सरकार पर नियंत्रण रखा.
बता दें कि इशाक डार ने पहले 1997-99 के दौरान संघीय वाणिज्य और निवेश मंत्री के रूप में कार्य किया था, जब नवाज शरीफ प्रधानमंत्री थे. उन्होंने 1997 से 1999 तक और 2008 के दौरान दो बार वित्त, आर्थिक मामलों और सांख्यिकी के संघीय मंत्री के रूप में कार्य किया. डार ने पंजाब सरकार में भी एक महत्वपूर्ण पद पर काम किया है. उन्होंने लाहौर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री का नेतृत्व किया और 1992 से 1993 तक उन्हें पाकिस्तान निवेश बोर्ड (पीआईबी) के राज्य मंत्री/मुख्य कार्यकारी के रूप में नियुक्त किया गया था.
वह 2008 में संघीय वित्त मंत्री बने, लेकिन संघीय सरकार में पीएमएल-एन के गठबंधन सहयोगी, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) से अलग होने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया. उन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व में पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) की गठबंधन सरकार के तहत सितंबर 2022 से अगस्त 2023 तक फिर से वित्तमंत्री नियुक्त किया गया था.
(इनपुट-एजेंसी के साथ)
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