
Ikramuddin
इकराम मूल रूप से उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं मगर जन्म देश की राजधानी दिल्ली में हुआ. शुरुआती शिक्षा स्थानीय स्कूल में हुई. इसी के साथ ज्ञान हासिल करने ... और पढ़ें
एक बड़े मानवाधिकार संगठन ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान में कम से कम छह आम लोगों को अपहृत कर लिया है. हालांकि बलूचिस्तान से इससे पहले भी लोगों को जबरन गायब करने के मामले सामने आए हैं. काफी समय से पाकिस्तान में हत्या और जबरन गायब किए जाने के मामले सामने आ रहे हैं. ये नई घटनाएं पूरे राज्य में जबरदस्ती गायब किए जाने और न्यायेतर हत्याओं की बढ़ती घटनाओं के बीच हुई हैं.
लोगों में डर और असुरक्षा बढ़ी
डेरा बुगती जिले में बड़े पैमाने पर जबरदस्ती गायब किए जाने पर गहरी चिंता जताते हुए, बलूच वॉयस फॉर जस्टिस (बीवीजे) ने कहा, ‘ये काम बिना वारंट, आरोप या सही प्रक्रिया के जारी हैं, जिससे लोगों में डर और असुरक्षा बढ़ रही है.’ पीड़ितों की पहचान नबी शेर, नबी बख्श, उसामा, मीर गुल, करीम और सिद्दीक के तौर पर हुई है. मानवाधिकार संस्था के मुताबिक हाल के हफ्तों में डेरा बुगती में लोगों को जबरदस्ती गायब करने की घटनाएं बढ़ गई हैं. इसमें कहा गया है कि दो हफ्ते पहले, दस लोगों का अपहरण किया गया था और वे अभी भी गैर-कानूनी हिरासत में हैं.
रिहा करने के बदले रकम पैसे मांगने का आरोप
सूत्रों का हवाला देते हुए बीवीजे ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) और काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) के अधिकारी परिवारों से उनके प्रियजनों को छोड़ने के लिए बड़ी रकम मांग रहे हैं. इसमें कहा गया है कि ये काम जबरदस्ती और सजा से बचने का लगातार पैटर्न दिखाते हैं और इसकी तुरंत स्वतंत्र जांच की जरूरत है.
बीएनएम ने लगाए गंभीर आरोप
पिछले हफ्ते, अपने ग्लोबल कैंपेन के हिस्से के तौर पर, बलूच नेशनल मूवमेंट (बीएनएम) ने अमेरिका में एक अवेयरनेस ड्राइव चलाई, जिसमें पाकिस्तान के बलूचिस्तान में मानवता के खिलाफ जघन्य अपराधों, बलूच विरोधी नीतियों और बर्बर सामूहिक सजा को सामने लाया गया. बलूच कार्यकर्ताओं ने 10 अप्रैल को बलूचिस्तान की खराब हालत के बारे में जानकारी शेयर करने के लिए सार्वजनिक जगहों पर पर्चे बांटे. बीएनएम के मुताबिक इसका मकसद पाकिस्तान का असली चेहरा, इंसानियत के खिलाफ उसके अपराधों और दबाव देने वाली नीतियों को सामने लाना था.
गैरकानूनी कब्जे का आरोप
बीएनएम ने कहा, ’21वीं सदी में भी पाकिस्तान के गैरकानूनी कब्जे की वजह से ऐसी नाइंसाफी लोकतांत्रिक दुनिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर में हो रही है. पाकिस्तान बलूच लोगों के खिलाफ सामूहिक सजा समेत अपराधियों के जरिए बलूचिस्तान पर अपना कंट्रोल बनाए हुए है.’ बीएनएम ने पाकिस्तानी अधिकारियों पर बलूच नागरिकों के खिलाफ बड़े पैमाने पर हिंसा करने का आरोप लगाया, जिसमें समाज के अलग-अलग तबकों के लोगों की हत्या भी शामिल है. समूह ने कहा कि सात साल के बच्चों समेत छोटे बच्चों को भी नहीं बख्शा गया है.
हजारों बलूचों को गायब करने का आरोप
इसमें कहा गया, ‘हजारों बलूच लोगों को जबरदस्ती गायब कर दिया गया और अभी वे पाकिस्तान की सेना की गैर-कानूनी कस्टडी में अनजान डिटेंशन सेंटर में हैं. राजनीतिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के रिश्तेदारों को भी पाकिस्तान की बलूच-विरोधी नीतियों के तहत टारगेट किया जा रहा है.’
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