रावलपिंडी/नई दिल्ली: पाकिस्तानी सेना के शीर्ष जनरल्स ने बुनियादी सैन्य अनुशासन को ताक पर रखकर पाकिस्तानी सेना के जनरल हेडक्वार्टर (जीएचक्यू) में रविवार शाम ‘कश्मीर ब्लैक डे’ मनाया और इस मौके पर पंजाबी पॉप सिंगर हुमायरा अरशद के साथ उन्होंने जमकर ठुमके लगाए. उल्लेखनीय है कि 26 अक्टूबर को ही जम्मू एवं कश्मीर रियासत का भारत में विलय हुआ था. यह कार्यक्रम पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा, इंटर-सर्विस पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) की तरफ से कश्मीरियों संग एकजुटता दिखाने अधिकारियों के लिए आयोजित किया गया था.

लेकिन हुमायरा के ट्वीट के कारण यह आयोजन लीक हो गया, और पाकिस्तानी ट्विटर उपयोगकर्ताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की. बाद में हुमायरा ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया, लेकिन तबतक इस्लामाबाद की काफी किरकिरी हो चुकी थी. हुमायरा के जनसंपर्क मैनेजर रिजवान ने आईएएनएस से फोन पर इस बात की पुष्टि की कि गायिका ने रविवार को प्रस्तुति दी थी. हालांकि उन्होंने आयोजन स्थल के बारे में जानकारी नहीं दी. रिजवान ने कहा कि पॉप गायिका पाकिस्तान में दो-तीन घंटे के शो के लिए आठ-नौ लाख रुपये लेती हैं. उन्होंने इस सवाल पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया कि क्या आईएसपीआर ने शो के लिए हुमायरा को कोई भुगतान किया था या नहीं.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कश्मीर मुद्दे को उठाकर दुनिया भर में पाकिस्तानियों का समर्थन हासिल करने के लिए रविवार को काला दिवस मनाने का निर्णय लिया था. इमरान खान ने कश्मीर में तत्काल कर्फ्यू हटाने की मांग करते हुए कश्मीरी लोगों के प्रति पाकिस्तान के नैतिक, राजनीतिक और कूटनीतिक समर्थन को दोहराया था. सरकार द्वारा संचालित रेडियो पाकिस्तान ने खबर चलाई थी कि कश्मीर के लोगों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए पूरे देश में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं, जिसमें रैलियां और संगोष्ठियां शामिल हैं. लेकिन जिस तहर से सेना के शीर्ष अधिकारियों ने कश्मीर के समर्थन में अपनी एकजुटता दिखाई, उसने पाकिस्तान सरकार को शर्मसार ही किया है.

सूत्रों ने कहा कि इस बात का पता लगाने के लिए एक जांच शुरू की गई है कि जीएचक्यू में किसी पॉप गायिका को क्यों बुलाया गया था. ट्वीट में आयोजन के दो फोटोग्राफ भी लगे थे, जिनपर सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की. पाकिस्तान में प्रमुख सोशल मीडिया एक्टिविस्ट ए. कियानी ने हुमायरा के ट्वीट पर जवाब दिया : “पाकिस्तानी जनरलों के लिए आइटल सांग और संगीत, लेकिन कश्मीरियों के लिए गोली और बम. करतारपुर से पंजाबियों का स्वागत करना और कश्मीरियों के लिए कश्मीर को एक युद्ध का मैदान और कब्रगाह बनाना. हमें पता है कि सारे गंदे खेल के पीछे ये जनरल हैं.”

हुमायरा के एक फालोवर, निदा किरमानी ने प्रतिक्रिया में लिखा, “सामने नाच रहे अंकलों को और असहज दिख रहे लोगों से आधा भरे ऑडिटोरियम को देखो. गुस्सा आता है, लेकिन यह अत्यंत दुखद है.” एक अन्य सोशल मीडिया एक्टिविस्ट ने लिखा, “क्या???? आईएसपीआर जीएचक्यू में स्टेज शो आयोजित कर रहा है? वाकई?? क्या यह किसी दूसरी सेना में हो रहा है? डीजीआईएसपीआर मैं पाक सेना का बड़ा प्रशंसक हूं, लेकिन यह पूरी तरह गलत है.” हालांकि स्थानीय मीडिया में हुमायरा नाइट के बारे में कोई खबर प्रकाशित नहीं हुई है.