लाहौर: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी के सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत वरिष्ठ भारतीय नेताओं से मुलाकात की है. पाकिस्तान ने पुलमावा हमले के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव को कम करने के लिए भारत से परोक्ष रूप से संपर्क साधा है. एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने खबर दी है, ‘सरकार ने भारत के साथ परोक्ष रूप से संपर्क करना शुरू कर दिया है और सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेता रमेश कुमार वंकवानी जो पिछले हफ्ते भारत में थे, ने प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की है.’

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वंकवानी ने शनिवार को कहा, ‘मैंने भारतीय नेताओं को एक सकारात्मक संदेश दिया है और मुझे उम्मीद है कि उनके व्यवहार में बदलाव आएगा.’ वंकवानी ने विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह से भी मुलाकात की. सिंह भारतीय सेना के पूर्व अध्यक्ष हैं. सिंध के पीटीआई नेता अल्पसंख्यक सीट से सांसद हैं. वह 185 देशों के 220 सदस्यीय शिष्टमंडल के हिस्से के तौर पर भारत में थे. यह शिष्टमंडल भारत सरकार के निमंत्रण पर कुंभ मेले में हिस्सा लेने गया था. उनकी भारत यात्रा 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी के फिदाई हमले के मद्देनजर दोनों मुल्कों के बीच बढ़े तनाव की पृष्ठभूमि में हुई. जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए हमले में बल के 40 कर्मी शहीद हो गए थे. अखबार की खबर के मुताबिक, वंकवानी ने कहा कि वह मोदी से एक कार्यक्रम में मिले और भारतीय प्रधानमंत्री ने उनसे गर्मजोशी से मुलाकात की.


सांसद ने बताया कि उन्होंने मोदी से कहा कि वह सकारात्मक संदेश के साथ आए हैं और सकारात्मक संदेश के साथ लौटना चाहते हैं. इसके बाद मोदी के निर्देश पर, स्वराज ने उनके साथ 25 मिनट की बैठक की. वंकवानी के हवाले से अखबार ने कहा, ‘मैंने भारतीय विदेश मंत्री से कहा कि पाकिस्तान में अब (इमरान खान की) सरकार है. हम आपको आश्वस्त करते हैं कि कोई भी पाकिस्तानी संस्थान पुलवामा हमले में शामिल नहीं था. अगर भारत सबूत मुहैया कराता है तो हम जांच कराएंगे.’

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पीटीआई नेता के मुताबिक, उन्होंने स्वराज से कहा कि दोनों देशों को अतीत से सबक सीखने की जरूरत है. उन्होंने कहा, ‘दुश्मन को दोस्त बनाकर दुश्मनी को खत्म किया जा सकता है.’ उन्होंने कहा वह खुद गंगा स्नान करके लौट रहे हैं और कभी झूठ नहीं बोलते हैं. समाचार पत्र ने वंकवानी के हवाले से कहा, ‘मैंने उनसे कहा कि हमें सियासी इल्ज़ामों से निकलने की जरूरत है.’ वंकवानी के मुताबिक, बैठक के बाद उन्हें एहसास हुआ कि माहौल में गर्माहट आना शुरू हो गई. उन्होंने कहा, ‘भारतीय प्रधानमंत्री ने राजस्थान में रैली के दौरान पाकिस्तान के साथ बातचीत करने का संकेत दिया है.’