लाहौर. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने शनिवार को कहा कि वह नरेंद्र मोदी सरकार को ‘‘दिखाएंगे’’ कि ‘‘अल्पसंख्यकों से कैसे व्यवहार करते हैं?’’ पाकिस्तानी प्रधानमंत्री खान का यह बयान बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह की भारत में भीड़ द्वारा की जाने हिंसा को लेकर टिप्पणी को लेकर जारी विवाद के बीच आया है. नसीरुद्दीन शाह भारत में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मार डालने के मामलों को लेकर अपनी टिप्पणी के कारण विवादों में आ गए हैं. इमरान खान ने पंजाब सरकार की 100 दिन की उपलब्धियों को रेखांकित करने के लिए लाहौर में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रही है कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों को उनके उचित अधिकार मिले. उन्होंने कहा कि यह देश के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना का भी दृष्टिकोण था. Also Read - अहमदाबाद और सूरत को मेट्रो ट्रेन का तोहफा, पीएम मोदी ने दो परियोजनाओं की आधारशिला रखकर कहा- बदलेगी सूरत

Also Read - ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने G7 शिखरवार्ता के लिए प्रधानमंत्री मोदी को भेजा न्योता, भारत को बताया ‘दुनिया की फार्मेसी’

भारतीय राजनयिकों को पाकिस्तान में किया जा रहा प्रताड़ित, भारत ने दर्ज कराई आपत्ति Also Read - भारत में टीकाकरण शुरू होने पर इस देश के प्रधानमंत्री ने कहा कुछ ऐसा, पीएम मोदी ने दिया ये जवाब

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्वित करेगी कि अल्पसंख्यक सुरक्षित, संरक्षित महसूस करें और उन्हें ‘नए पाकिस्तान’ में समान अधिकार हों. उन्होंने शाह के बयान की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘हम मोदी सरकार को दिखाएंगे कि अल्पसंख्यकों के साथ कैसे व्यवहार करते हैं…, भारत में लोग कह रहे हैं कि अल्पसंख्यकों के साथ समान नागरिकों की तरह व्यवहार नहीं हो रहा है.’’ पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि कमजोर को न्याय नहीं दिया गया तो इससे विद्रोह ही उत्पन्न होगा.

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, ‘‘पूर्वी पाकिस्तान के लोगों को उनके अधिकार नहीं दिए गए जो कि बांग्लादेश निर्माण के पीछे मुख्य कारण था.’’ आपको बता दें कि बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने हाल ही में दिए गए एक वीडियो इंटरव्यू के दौरान बुलंदशहर हुई घटना की जिक्र करते हुए कहा कि गाय की मौत को एक पुलिसवाले की मौत से ज्यादा अहमियत दी जाती है. नसीर ने अपने इंटरव्यू में कहा था कि देश में जैसा माहौल है, उसे देखकर उन्हें डर लगता है कि कल को उनके बच्चों को किसी गली में घेर कर न पूछ लिया जाए कि तुम हिंदू हो या मुस्लिम. इसके बाद पूरे देश में अभिनेता के इस बयान की निंदा की जा रही है. यहां तक कि अजमेर लिटरेचर फेस्टिवल में उनके कार्यक्रम का विरोध किया गया.

(इनपुट – एजेंसी)