इस्लामाबाद. पुलवामा आतंकी हमले के बाद दुनियाभर में अलग-थलग पड़ने और भारत के कड़े तेवर देख दबाव में आए पाकिस्तान ने जंग की आशंका में बचाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं. यही वजह है कि शुक्रवार को दोपहर बाद पाकिस्तानी सेना ने पुलवामा हादसे के बाद बने तनाव को देखते हुए भारत को चेतावनी दी कि अगर भारतीय सेना ने कोई आक्रामक कार्रवाई की तो उसे चौंकाने वाला जवाब मिलेगा. पाकिस्तानी सेना ने शुक्रवार को कहा कि उनका देश युद्ध नहीं चाहता. हालांकि, उसने भारत को चेतावनी दी कि अगर वह कोई भी आक्रामक सैन्य कदम उठाता है तो उसका ‘अप्रत्याशित’ जवाब दिया जाएगा. Also Read - Bubonic Plague: चीन में बढ़ा ब्यूबोनिक प्लेग का खतरा, क्या भारत को डरने की जरूरत है?

Also Read - चीन से तनाव के बीच बॉर्डर पर तेजी से इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलप कर रहा है भारत, राजनाथ सिंह ने की समीक्षा

सियोल में शांति पुरस्कार लेने के बाद बोले पीएम मोदी- आतंकवाद को जड़ से खत्म करने का समय आ गया Also Read - US Election 2020: डोनाल्ड ट्रंप Vs जो बाइडेन, जानें कौन हैं और क्या है इनका नजरिया, भारत को होगा फायदा या नुकसान?

इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के महानिदेशक मेजर जनरल आसिफ गफूर ने एक संवाददाता सम्मेलन में यह भी कहा कि भारत ने ‘‘बिना उचित जांच’’ के पुलवामा हमले के लिए पाकिस्तान को दोषी ठहराया और भारत ने अब तक “विभाजन की वास्तविकता” को स्वीकार नहीं किया है. पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद द्वारा 14 फरवरी को पुलवामा में आतंकवादी हमले को अंजाम देने के बाद सेना के प्रवक्ता ने कहा , ‘‘हमारा 72 वर्ष का इतिहास है. विभाजन 1947 में हुआ था और तब पाकिस्तान आजाद हुआ था. भारत अभी भी यह स्वीकार नहीं कर पाया है.” सेना के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हम युद्ध की तैयारी नहीं कर रहे हैं, आप (भारत) धमकी जारी कर रहे हैं…, हमें धमकियों का जवाब देने का अधिकार है. हम पहल करने की तैयारी नहीं कर रहे हैं, बल्कि बचाव और जवाब की योजना बना रहे हैं जो हमारा अधिकार है.”

उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप (भारत) पहले कोई प्रतिक्रिया शुरू करेंगे, तो आप हमें कभी चकित नहीं कर पाएंगे… हम आपको आश्चर्यचकित करेंगे.” गफूर ने चेताया कि युद्ध की स्थिति में इस बार सेना की प्रतिक्रिया अलग तरह की होगी. उन्होंने कहा, ‘‘हम अतीत की सेना नहीं हैं, हम एक कठोर सेना हैं. हमने एक अदृश्य दुश्मन के खिलाफ लड़ाई लड़ी है और जीत हासिल की.’’ गफूर ने तैयारियों की प्रकृति के बारे में पूछे गए एक सवाल पर कहा, “हम युद्ध की तैयारी नहीं कर रहे हैं, लेकिन हम जवाब की तैयारी कर रहे हैं और जिस जवाब की आवश्यकता होगी, हमने उसके लिए तैयारी की है. हम हर धमकी का जवाब दे सकते हैं. मुझे उम्मीद है कि आपको (भारत को) संदेश मिल गया और पाकिस्तान से न उलझें.’’

UN सिक्योरिटी काउंसिल में पाकिस्तान का साथ देने को चीन ने चली नापाक चाल, इस तरह हुआ बेनकाब

उन्होंने कहा कि गुरुवार को प्रधानमंत्री इमरान खान ने सेना को किसी भी हमले की स्थिति में देश की रक्षा के लिए सभी कदम उठाने के लिए अधिकृत किया है. गफूर ने कहा कि पुलवामा हमला पाकिस्तान के लिए नकारात्मक था क्योंकि यह तब हुआ जब पाकिस्तान में कई महत्वपूर्ण घटनाएं हो रही थीं. उन्होंने कहा कि भारत को कश्मीर पर ‘‘आत्म-मंथन’’ की जरूरत है. उन्होंने कहा, ‘‘पुलवामा हमला नियंत्रण रेखा से मीलों दूर हुआ. इस्तेमाल किए गए विस्फोटक स्थानीय किस्म के थे, इस्तेमाल किया गया वाहन स्थानीय था और जिसने हमले को अंजाम दिया, वह भी स्थानीय युवक था.’’ गफूर ने कहा, ‘‘हम कह रहे हैं कि आइए हमले पर बात करें, आतंकवाद और शांति के बारे में बात करें. सबसे बड़ा मुद्दा कश्मीर है और आइए इस बारे में बात करें.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम दो लोकतंत्र हैं और लोकतंत्र झगड़ा नहीं करते.’’

(इनपुट – एजेंसी)