इस्लामाबाद: पाकिस्तान की आर्थिक हालत काफी खराब चल रही है. इसके चलते पाकिस्तान सरकार सरकारी खर्च में कमी करने की कोशिश कर रही है. पाकिस्तान की नई सरकार ने राष्ट्रपति और पीएम समेत अधिकारियों तथा नेताओं के सरकारी निधि को अपने मन से खर्च करने और प्रथम श्रेणी से हवाई यात्रा करने पर प्रतिबंध लगा दिया है. यह उसके अपने खर्चों पर लगाम लगाने के अभियान का हिस्सा है. Also Read - अफगानिस्तान में कार्यरत भारतीय पेशेवरों को निशाना बना रहा है पाकिस्तान : भारत

सूचना मंत्री फवाद चौधरी के मुताबिक, प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में कल हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला किया गया. उन्होंने मीडिया से कहा, ”यह निर्णय किया गया है कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, प्रधान न्यायाधीश, सीनेट चेयरमैन, नेशनल असेंबली के स्पीकर और मुख्यमंत्री क्लब/बिजनेस श्रेणी में यात्रा करेंगे.” Also Read - हथियारों के साथ-साथ ड्रग्स की तस्करी के फिराक में था पाकिस्तान, BSF ने मंसूबों को किया नाकाम

एक सवाल पर चौधरी ने कहा कि सेना प्रमुख को प्रथम श्रेणी से यात्रा करने की अनुमति नहीं है और वह हमेशा बिजनेस श्रेणी में यात्रा करते हैं. उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति तथा अन्य अधिकारियों ने निधि के विवेकाधीन आवंटन पर भी रोक लगा दी है. प्रधानमंत्री ने विदेशी या घरेलू यात्रा के लिए विशेष विमानों और बिजनेस क्लास में यात्रा करने पर भी रोक लगाने का फैसला किया है. Also Read - पाकिस्‍तान ने जम्मू-कश्मीर में ड्रोन से गिराए हथियार, लश्‍कर के तीन आतंकी गिरफ्तार

आम चुनावों में जीत के बाद खान ने आलीशान प्रधानमंत्री आवास का इस्तेमाल न करने और इसकी बजाय आवास के एक छोटे से हिस्से का इस्तेमाल करने का फैसला किया है. खान ने केवल दो वाहनों और दो सेवकों की सेवाएं लेने का भी फैसला किया. चौधरी ने दावा किया कि पूर्व पीएम नवाज शरीफ एक साल में 51 अरब रुपए की निधि का इस्तेमाल करते थे.