कराची: पाकिस्तानी सरकार ने मुंबई आतंकवादी हमले के सरगना हाफिज सईद के नेतृत्व वाले संगठन जमात-उद-दावा और उससे जुड़ी फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन द्वारा दक्षिणी सिंध प्रांत में संचालित कम से कम 56 मदरसों और प्रतिष्ठानों को अपने कब्जे में ले लिया है. सिंध सरकार ने पुष्टि की है कि वह इन प्रतिबंधित संगठनों द्वारा चलाए जा रहे 56 से अधिक मदरसों और प्रतिष्ठानों को नियंत्रण में ले चुकी है. नेटवर्क में 300 मदरसे और स्कूल, अस्पताल, एक पब्लिशिंग हाउस और एंबुलेंस सेवाएं शामिल हैं. दोनों संगठनों में करीब 50,000 वालंटियर और सैकड़ों अन्य वैतनिक कर्मचारी हैं.

वहीं, आतंकवाद के खिलाफ युद्ध की खबरें देने वाली अमेरिका स्थित एक समाचार वेबसाइट ने जानकारी दी है कि पाकिस्तान की प्रतिबंधित आतंकवादी समूहों के खिलाफ की गई हालिया कार्रवाई महज एक दिखावा है ताकि वह अपनी धरती से हुए बड़े आतंकवादी हमलों को लेकर पश्चिमी देशों को संतुष्ट कर सके. पाकिस्तान ने मंगलवार को कहा था कि उसने अपने यहां सक्रिय आतंकवादी संगठनों पर लगाम लगाने को लेकर वैश्विक समुदाय की ओर से बढ़ते दबाव के बीच जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर के बेटे और भाई समेत प्रतिबंधित संगठन के 44 सदस्यों को एहतियात के तौर पर हिरासत में लिया है. हालांकि, भारत ने तुरंत की पाकिस्‍तान की इस दिखावे की कार्रवाई की पोल खोल दी थी.

भारत ने हाल ही में पुलवामा हमले को लेकर जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पाकिस्तान को एक डॉजियर सौंपा था. ‘लॉंग वॉर जरनल’ ने टिप्पणी की, “यदि अतीत को ध्यान में रखा जाए तो यह कोशिशें पाकिस्तान की धरती से हुए बड़े आतंकवादी हमलों को लेकर पश्चिमी देशों को संतुष्ट करने के लिए महज एक दिखावा है.”

वेबसाइट ने कहा, विडंबना यह है कि पाकिस्तानी जनरलों और सरकारी अधिकारियों ने नियमित रूप से कहा कि आतंकवादी समूहों को पाकिस्तानी धरती पर संचालन की अनुमति नहीं है. फिर भी जमात-उद-दावा रावलपिंडी में स्वतंत्र रूप से अपना काम करता है, उस शहर में जहां पाकिस्तान का सैन्य मुख्यालय मौजूद है.” टिप्पणी में कहा गया है कि हाफिज सईद को बीते दो दशक के दौरान कम से कम चार बार “एहतियातन हिरासत” में रखा गया, सिर्फ रिहा करने के लिए.

सिंध के मुख्यमंत्री के सूचना तथा कानूनी सलाहकार बैरिस्टर मुर्तजा वहाब ने कहा, “सिंध सरकार ने भी केंद्र सरकार द्वारा कार्रवाई शुरू करने के बाद इन प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ कदम उठाने का निर्णय लिया है. पाकिस्तान ने जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत को मंगलवार को औपचारिक रूप से प्रतिबंधित संगठनों की सूची में डाल दिया था, जिसके बाद से इनकी संपत्तियां जब्त करने का सिलसिला जारी है.

अधिकारियों के अनुसार जमात के नेटवर्क में 300 मदरसे और स्कूल, अस्पताल, एक पब्लिशिंग हाउस और एंबुलेंस सेवाएं शामिल हैं. दोनों संगठनों में करीब 50,000 वालंटियर और सैकड़ों अन्य वैतनिक कर्मचारी हैं.